आज मिथिलांचल के इस वर्ष का महत्वपूर्ण त्योहारों का अन्त
अंशु झा (मई, १२ काठमांडू)
आज रविवार को मिथिलांचल का महत्वपूर्ण त्योहार सप्ताडोरा तथा सूर्यदेव का व्रत (रैव) सौंपा गया है । सप्ताडोरा व्रत चैत महीना के प्रतिपदा तिथि अर्थात फगुआ से शुरु होकर बैशाख महीना के अन्तिम रविार को विसर्जन किया जाता है । इसमें गेहूं और सक्कर से पवित्रता के साथ प्रसाद तैयार किया जाता है । मिथिलांचल की महिलायें श्रद्धा और विश्वास के साथ डोरा ( धागा)का पूजन कर अपने बांह पर बांधती है ।
रविवार व्रत का आरम्भ अगहन महीना के प्रथम रविवार से होता है और बैशाख महीना के अन्तिम रविवार को विसर्जन किया जाता है अर्थात यह व्रत ६ महीने तक किया जाता है । मैथलानी बडे ही श्रद्धा और पवित्रता के साथ इस व्रत को करती है । इसमें सूर्यदेव को अर्घदान किया जाता है ।

