Sun. Aug 16th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

महिलाओं के हक और उनके अधिकारों के लिए जीने वाली वकील नसरीन काे मिली38 साल की कैद और 148 कोड़े मारने की सजा

 

ईरान में मानवाधिकार की जानी-मानी वकील नसरीन सोतोदह को 38 साल की कैद और 148 कोड़े मारने की सजा मिली है। इसकी जानकारी खुद नसरीन के पति रेजा खानदान ने फेसबुक पोस्‍ट के जरिए दी है। नसरीन को यह सजा राष्‍ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर और ईरान के सुप्रीम लीडर की बेइज्‍जती करने की वजह से दी गई है। ईरान की न्‍यूज एजेंसी की मानें तो उन्‍होंने राष्‍ट्रीय सुरक्षा के नाम पर लोगों को भड़काया और सुप्रीम लीडर के सम्‍मान में गुस्‍ताखी की, जिसके चलते यह सजा उन्‍हें दी गई है। आपको बता दें कि नसरीन ईरान में महिलाओं के सिर ढकने के खिलाफ खुलेआम प्रदर्शन कर चुकी हैं। इसको लेकर भी वह वहां के कट्टरपंथी समुदाय के निशाने पर काफी समय से रही हैं। रेजा के फेसबुक पोस्‍ट के मुताबिक उन्‍हें 2016 में भी पांच वर्ष की सजा दी जा चुकी है।

यह भी पढें   भारत की स्वतंत्रता के अस्सी साल : विगत, वर्तमान तथा भविष्य : श्वेता दीप्ति

नसरीन ने अपना पूरा जीवन महिलाओं के हक और उनके अधिकारों के लिए जिया है। इसके अलावा नसरीन देश और दुनिया में सजा-ए-मौत के खिलाफ भी होने वाले प्रदर्शनों का भी नेतृत्‍व कर चुकी हैं। उनको मिली सजा को एमनेस्‍टी इंटरनेशनल मिडिल ईस्‍ट एंड नॉर्थ अफ्रीका रिसर्च एंड एडवोकेसी के डायरेक्‍टर फिलिप लूथर ने बेहद निराशाजनक बताया है। उन्‍होंने एक बयान में कहा है कि उन्‍हें इस तरह की सजा देना बेहद अपमानजनक है।

एमनेस्‍टी इंटरनेशनल ने नसरीन को दी गई सजा की कड़ी निंदा की है। संस्‍था का कहना है कि बीते एक दशक में ईरान में करीब सात हजार लोगों को ईरान की सरकार ने गिरफ्तार किया है। इन सभी का अपराध मानवाधिकार के खिलाफ आवाज बुलंद करना था। गौरतलब है कि नसरीन को पिछले वर्ष जून में भी तेहरान स्थित उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया था। इसके बाद उन्‍हें तेहरान के बाहर बनी जेल में भेज दिया गया था।

यह भी पढें   भारत-नेपाल के प्रतिनिधियों के साथ भूमि पत्तन रक्सौल में मना 80वां स्वतंत्रता दिवस

नसरीन को यूरोपियन पार्लियामेंट की तरफ से विचारों की स्‍वतंत्रता के लिए सखरोव पुरस्‍कार दिया जा चुका है। यह पुरस्‍कार उस वक्‍त उन्‍हें दिया गया था जब वह जेल में थीं। 2010 में उन्‍हें 11 साल की सजा सुनाई गई थी। यह सजा उन्‍हें ग्रीन मूवमेंट के चलते प्रदर्शन करने और चुनाव में हुई धांधली के खिलाफ आवाज उठाने के चलते दी गई थी। 2013 में उन्‍हें रिहा कर दिया गया।

यह भी पढें   जनरल धीरज सेठ मंगलवार को प्रधानमंत्री बालेन शाह से करेंगे मुलाकात

नसरीन को मिली सजा से मानवाधिकार से जुड़े अन्‍य लोगों में रोष व्‍याप्‍त है। सीएनएन ने ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद के हवाले से लिखा है कि ईरान की सरकार हिजाब के खिलाफ उठने वाली आवाज को डरा धमकाकर खामोश करने की कोशिश में लगी है। लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। आपको बता दें कि नसरीन के पति भी मानवाधिकार के वकील हैं। उन्‍हें भी इसी वर्ष जनवरी में सुरक्षा से संबंधित आरोप में दोषी करार दिया गया था। इस आरोप में उन्‍हें छह साल की जेल की सजा मिली थी। इसके खिलाफ उन्‍होंने ऊपरी अदालत में अपील की थी जिसके बाद उनकी सजा को स्‍थागित किया गया था।

दैनिक जागरण से

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com