तरबूज के रंग पर ना जाएं, इन तरीकों से जांचें कहीं तरबूज इंजेक्टेड तो नहीं
गर्मी का मौसम है तो पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक की समस्या तो होगी ही..ऐसे में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए आपको पानी पीने की अत्यधिक आवश्यकता होती है। साथ ही गर्मियों में कुछ ऐसे फल भी हैं तो पानी की कमी को दूर करते हैं। तरबूज गर्मी में मिलने वाला ऐसा फल है जिसमें विटामिन A 11%, विटामिन C 13%, कैल्शियम , आयरन 1%, विटामिन D, विटामिन B6 और मैग्नीशियम पाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि तरबूज की हर बाईट में 94 प्रतिशत पानी और 6 प्रतिशत शुगर होता है। लेकिन कहीं आप फ्रेश दिखने वाले फलों के चक्कर में नकली और नुकसान पहुंचाने वाला तरबूज तो नहीं खा रहे। आगे की स्लाइड में जाने कैसे इंजेक्शन वाले तरबूज की पहचान कर सकते हैं।
साल 2012 की टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट बताती है कि तरबूज की लाली और टेस्ट बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला केमिकल आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। आजकल सिर्फ तरबूज में नहीं बल्कि हर तरह के फल और सब्जियों को इंजेक्शन के जरिए नकली तरीके से पकाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं।
ऐसे करें इंजेक्टेड तरबूज की पहचान
तरबूज बेल पर उगता है, अपने भार की वजह से ये जमीन पर होता है। जमीन पर होने की वजह से इसके नीचले हिस्से का रंग उड़ा होता है या फीका दिखता है। ऊपर का रंग नॉर्मल हरा होता है। अगर तरबूज इंजेक्टेड है, तो तरबूज चारों तरफ से दिखने में एक जैसा होगा। इसका मतलब उसे आर्टिफिशियल तरीके से हरा किया गया है।
तरबूज के अंदर के एक टुकड़े को काट कर एक पानी के बर्तन में डालिए और थोड़ी देर के लिए छोड़ दीजिए। नकली तरीके से लाल किए गए तरबूज को पानी में डालने से पानी का रंग हल्का गुलाबी या लाल हो जाएगा।तरबूज के अंदर के एक टुकड़े को काट कर एक पानी के बर्तन में डालिए और थोड़ी देर के लिए छोड़ दीजिए। नकली तरीके से लाल किए गए तरबूज को पानी में डालने से पानी का रंग हल्का गुलाबी या लाल हो जाएगा।


