ईद एक ताेहफा है जाे अल्लाह के तरफ से बन्दाे काे अता किया जाता है : अब्दुल खानं
ईद( ईदुल फित्र) जिसे मिठी ईद भी कहा जाता है। ईद हिजरी क्यालेन्डर के १० वें महिने अर्थात रमजान महिने के अन्तिम दिन चांद देखकर साैवाल महिने के पहिले दिन ईद मनाया जाता है। हिजरी सम्मतका क्यालेन्डर पूर्णत चांद पर आधारित हाेता है। हिजरी अर्थात हिजरत,पैगम्बर माेहम्मद स. अ.वसल्लम अल्ला के हुक्म से मक्का से मदिना हिजरत( प्रवास) किये थे उसिकाे हिजरत अर्थात उस क्यालेन्डर काे हिजरी सम्मत कहा जाता है। ६२४ हिजरी मे पहला ईदुलफित्र मनाया गया था। ईस्लाम धर्म मे दाे ईद मनाई जाती है, ईदुलफित्र( ईद), ईदुलजुहा( बक्रिद) ईद मे सुवह उठकर नमाज अदा की जाती है, खुदा का सुक्र अदा किया जाता है कि पुरे महिने के राेजे रखने का ताैफिक दिया है। ईसी दिन से पुराने झगडे, मन माेटाव काे त्यागकर नईं सुरुवात की जाती है। यिन दिनाे मे जाे दान किया जाता है उसे ईदुल फित्र कहा जाता है।
फित्रा ईद की नमाज से पहले अदा किया जाता है।फित्रा वाजिब है अर्थात फर्ज के करिब हाेता है। राेजा शब्र सिखाता है। ईद एक ताेहफा है जाे अल्लाह के तरफ से बन्दाे काे अता किया जाता है। ईसे मुसलमानाे के लिए इनाम का दिन माना जाता है। ईद की नमाज ईदगाह के अदा की जाती है, सभीलाेग ईदगाह मे जमा हाेकर नमाज पढते हैं। घर से एक रास्ते से जाते हैं, दुसरेरे रास्ते से वापस तस्बिह पढते हुवे आते है। आपस मे गलेमिलना ईद का मुवारकवाद देना एक दुसरे के घर मे अनेक प्रकार के खाना खाना, नयें कपडे पहिनना, गरिबाे को मद्दत करना, ईद की विशेषताए हैं।
समस्त मानव जगतकाे ईद मुवारक हाे
अब्दुल खानं,सदस्य जनमत पार्टी ।

