सरकार नश्लवादी चिन्तन से ग्रसित हैः सांसद् साह
काठमांडू, ४ जून । राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) नेपाल के सांसद् प्रमोद साह ने कहा है कि वर्तमान सरकार नश्लवादी चिन्तन से ग्रसित होकर आगे बढ़ रही है । मंगलबार आयोजित प्रतिनिधिसभा बैठक को सम्बोधन करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार गठन से ही संविधान संशोधन संबंधी विषय उठ रहा है, लेकिन उक्त मांग अभी तक सम्बोधन नहीं हुआ । संविधान कार्यान्वयन और संशोधन के लिए आग्रह करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
बैठक में बोलते हुए सांसद् साह ने कहा– ‘प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली स्वयम् कहते हैं कि आवश्यकता और औचित्य के आधार में संविधान संशोधन होगा, लेकिन अभी तक संशोधन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है ।’ सभामुख से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की विभेदकारी नीति के विरुद्ध संविधान संशोधन के लिए सभामुख की ओर से रुलिङ होना चाहिए ।
सांसद् साह को कहना है कि आज संविधान बनानेवाले ही संविधान उलंघनकर्ता बन रहे हैं । उनका मानना है कि लोकसेवा आयोग ने संविधान से बाहर जाकर कर्मचारी आपुर्ति संबंधी सूचना प्रकाशित किया है । उन्होंने यह भी दावा किया है कि संविधान के अनुसार राष्ट्रपति और उप–राष्ट्रपति अलग–अलग दल से प्रतिनिधित्व होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है । सांसद् साह ने कहा कि सरकार संघीयता की मर्म और भावना विपरित कार्यक्रम आगे बढ़ रही है, जिसके चलते संघीयता ही नाजायज सन्तान की औलाद की तरह बन गई है ।

