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बिहार दिमागी बुखार से 93 की मौत,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के समय एक और बच्ची ने तोड़ा दम

 

बिहार में दिमागी बुखार का कहर जारी है। 15 दिनों के भीतर एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से 84 बच्चों की मौत हो गई है। सरकार और डॉक्टरों की टीम के लाख प्रयास के बावजूद लगभग हर दिन बच्चों की मौत हो जा रही है। शनिवार को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसकेएमसीएच) का दौरा किया था, जबकि रविवार को उनके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे पहुंचे।

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बिहार सरकार में नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने मुजफ्फरपुर में दिमागी बुखार से हो रही मौतों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार शुरुआत से काम कर रही है। यहां दवाओं की भी कोई कमी नहीं है। हालांकि उन्होंने माना कि फिलहाल जो आपातकालीन स्थिति बन पड़ी है, उसके अनुसार आईसीयू और बेड की कमी है।

एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम पर एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि दुर्भाग्यवश बिहार में इंसेफलाइटिस आम हो गया है और इसको लेकर कई रिसर्च भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल हमारा मकसद इससे हो रही मौतों पर नियंत्रण पाना है। एम्स और केंद्र सरकार दोनों तैयार हैं और स्वास्थ्य सुविधा की आधारभूत संरचनाओं के विकास में लगे हुए हैं।

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