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जनजाति और मधेशियों की मांग सम्बोधन करना चाहिएः पूर्व राष्ट्रपति यादव

बुटवल, २९ जून । पूर्व राष्ट्रपति डा. रामवरण यादव ने कहा है कि संविधान में जो कमिकमजोरियां है, उसको सुधार कर ही आगे बढ़ना चाहिए । उनका मानना है कि आदिवासी जनजाति, मधेशी लगायत समुदायों की मांग सम्बोधन कर संविधान में रही कमजोरी को हटाना चाहिए । शुक्रबार बुटवल में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने ऐसा कहा है । शनिबार से शुरु होनेवाला दलित पत्रका संघ की राष्ट्रीय भेला को उद्घाटन के लिए वह बुटवल आए हैं ।
पूर्व राष्ट्रपति डा. यादव को यह भी कहना है कि शान्ति प्रक्रिया संबंधी बांकी काम जल्द ही खत्तम होना चाहिए । उन्होंने कहा कि मेलमिलाप आयोग और वेपत्ता छानबिन आयोग की ओर से समय में काम सम्पन्न ना होने के कारण शान्ति प्रक्रिया संबंधी काम बांकी रहा है । डा. यादव ने कहा कि शान्ति प्रक्रिया संबंधी बांकी काम पूरा करने के लिए विदेशी सहयोग लेना नहीं चाहिए । उन्होंने कहा– ‘अन्तर्राष्ट्रीय जगत में नेपाल ने बहुत सारे संधी–सम्झौता में हस्ताक्षर किया है, ऐसी अवस्था में पुनः वैदेशिक शक्ति को आमन्त्रण करना ठीक नहीं है ।’

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