कंप्यूटर पासवर्ड के जनक फर्नांडो कॉर्बेटो का, 93 साल की उम्र में निधन
न्यूयॉर्क, एजेंसी।
अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक फर्नांडो कॉर्बेटो (Fernando Corbato) का 93 साल की उम्र में सुगर (diabetes) के चलते निधन हो गया है। कॉर्बेटो ने कंप्यूटर पासवर्ड का आविष्कार किया था। उन्होंने 1960 के दशक में कंप्यूटर टाइम शेयरिंग सिस्टम (CTSS) को लेकर एक पोजेक्ट पर काम किया, जिसमें विभिन्न स्थानों पर कई उपयोगकर्ताओं को एक ही कंप्यूटर को टेलीफोन लाइनों के माध्यम से एक साथ एक्सेस करने की अनुमति दी गई। उनके इस खोज की वजह से आज हम पर्सनल कंप्यूटर और कंप्यूटर पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। फर्नांडो, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर थे।
1950 के दशक के दौरान कंप्यूटर का उपयोग करना काफी थकाऊ था, क्योंकि उस समय के कंप्यूटर काफी बड़े होते थे और इनका प्रोसेसिंग सिस्टम एक समय में केवल एक ही काम हो सकता था। इसलिए कॉर्बेटो ने एक तकनीक विकसित की, जिसे टाइम-शेयरिंग कहा जाता है, जिसने कंप्यूटर की प्रोसेसिंग सिस्टम को अलग-अलग काम में इस्तेमाल के लिए बांट दिया। इससे कंप्यूटर से एक साथ कई काम कर पाना संभव हुआ। CTSS ने कई लोगों के लिए एक समय में एक कंप्यूटर का उपयोग करना और जटिल गणितीय कार्य करना संभव बना दिया।
कॉर्बेटो के इस खोज की वजह से यह संभव हो पाया कि एक कंप्यूटर सिस्टम को कई लोग अलग-अलग अकाउंट से खोल सकते हैं। इस दौरान आप किसी अन्य यूजर के फाइल या डाटा को आप खोल नहीं सकते। इससे किसी का निजी डाटा लीक होने की संभावना कम हो गई।
कंप्यूटिंग को अधिक कुशल बनाने के अलावा, CTSS ने अनजाने में भी डिजिटल गोपनीयता की अवधारणा को स्थापित करने में मदद की। इसने लोगों को व्यक्तिगत पासवर्ड के साथ व्यक्तिगत खाते बनाने का विचार पेश किया। CTSS ने न सिर्फ कंप्यूटर के इस्तेमाल को आसान बना दिया बल्कि इससे डीजिटल पासवर्ड बनाने में सफलता मिली। इससे यूजर को अपने पासवर्ड के साथ खुद का अकाउंट बनाने में मदद मिली।

