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स्वर कोकिला लता मंगेशकर को डॉटर ऑफ द नेशन का खिताब दिया जाएगा।

 

भारतीय फिल्म संगीत में सात दशक के अभूतपूर्व योगदान के लिए स्वर कोकिला लता मंगेशकर को डॉटर ऑफ द नेशन का खिताब दिया जाएगा। केंद्र सरकार 28 सितंबर को 90वें जन्मदिन पर उन्हें यह सम्मान देगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस खास मौके के लिए गीतकार और कवि प्रसून जोशी ने खास गीत लिखा है।

लताजी के फैन हैं भारत के प्रधानमंत्री मोदी
सूत्रों ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लता मंगेशकर के बड़े प्रशंसक हैं। वे भारत की सभी आवाजों का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्हें सम्मानित करना देश की बेटी को सम्मान देना है। उन्हें 90वें जन्मदिन पर खिताब देने का फैसला लिया गया है।

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लताजी ने 40 के दशक में गाना शुरू किया था
मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर ने गाने की शुरुआत 40 के दशक में कर दी थी। तब वो महज 13 साल की थीं। उन्होंने पहला गाना मराठी फिल्म ‘किती हसाल’ (1942) के लिए रिकॉर्ड किया था, जिसे फाइनल कट से पहले हटा दिया गया था। 1943 में आई मराठी फिल्म ‘गजाभाऊ’ में उन्होंने हिंदी सॉन्ग ‘माता एक सपूत की दुनिया बदल दे’ को आवाज दी। इसे उनका पहला सॉन्ग माना जाता है। तब से लगातार गाने गा रही हैं।

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भारत रत्न और दादा साहब फाल्के अवॉर्ड भी मिला
लताजी को गायकी की दुनिया में अहम योगदान के लिए अब तक तीन नेशनल अवॉर्ड (फिल्म ‘परिचय’ के लिए 1972 में, ‘कोरा कागज़’ के लिए 1974 में और ‘लेकिन’ के लिए 1990 में) मिल चुके हैं। भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण (1969), दादा साहब फाल्के (1989), पद्म विभूषण (1999) और भारत रत्न (2001) से भी सम्मानित किया था।

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