Mon. Nov 18th, 2019

आईआईएमसी IIMC नेपाल चैप्टर गठन, विकास पत्रकारिता पर जोर

  1. काठमांडू, ८ सितम्बर । आमसञ्चार के क्षेत्र में दक्षिण एसिया में ही अग्रणी संस्था भारतीय आम सञ्चार प्रतिष्ठान (आईआईएमसी) एल्मुनाई एशोसिएसन का नेपाल च्याप्टर गठन किया गया है । नवगठित नेपाल चैप्टर  का  प्रथम सम्मेलन ‘कनेक्सन २०१९’ नारा के साथ शुक्रबार काठमांडू में सम्पन्न हुआ है । सम्मेलन को सम्बोधन करते हुए नेपाल और भारत में सञ्चार क्षेत्र से जुड़े हुए वरिष्ठ सञ्चारकर्मियों ने विकास पत्रकारिता पर जोर दिया । साथ में यह भी कहा कि अब आईआईएमसी के माध्यम से नेपाल–भारत संबंध और विकास पत्रकारिता पर जोर देना चाहिए ।


कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए नेपाल के लिए भारतीय राजदूत मंजीवसिंह पुरी  ने सञ्चार जगत और आईआईएमसी की योगदान पर चर्चा करते हुए कहा कि नेपाल–भारत की सभ्यता, इतिहास और वर्तमान की सोच समान रही  है । उनका कहना है कि दो देशों के  आपसी संबंध के लिए महत्वपूर्ण पक्ष सञ्चार जगत ही है, जो राजनीति और कुटनीति से भी शक्तिशाली है । उनका यह भी विश्वास है कि आईआईएमसी के जरिए दो देशों का  आपसी संबंध और सद्भाव में मजबुती आएगी ।
आईआईएमसी नेपाल च्याप्टर के अध्यक्ष अनिल गिरी ने स्वागत मन्तव्य व्यक्त करते हुए कहा कि आईआईएमसी विकास पत्रकारिता पर ज्यादा जोर देती है, जो आज की आवश्यकता भी है । उन्होंने कहा– ‘कुछ लेट से आईआईएमसी का नेपाल चैप्टर  गठन हुआ है, तब अब हम लोग इसके जरिए पत्रकारिता जगत में सिर्जनात्मक काम कर सकते हैं ।’ नेपाल चैप्टर  को सफल और सिर्जनात्मक बनाने के लिए भी उन्होंने आग्रह किया ।


आईआईएमसी के महानिर्देशक कुलदिप सिंह के अनुसार अब जल्द ही संस्था की ओर से पत्रकारिता में डिग्री का कोर्ष भी शुरु होने जा रहा है । उनका यह भी कहना है कि संस्थान की ओर से भाषा पत्रकारिता भी शुरु होेने  की तैयारी है । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने आगे कहा– ‘इससे सञ्चार से जुड़े हुए दोनों देश के लोग लाभान्वियत हो सकते हैं ।’ महानिर्देशक सिंह के अनुसार आईआईएमसी से तालिम और शिक्षा प्राप्त करनेवाले नेपालियों की संख्या २७०० से भी अधिक हो चुकी है ।
इसीतरह संस्थान के सचिव रितेश बर्मा ने संस्था द्वारा विगत में आयोजित सञ्चार संबंधी विभिन्न क्रियाकलाप तथा सिर्जनात्मक काम के बारे में जानकारी दिया । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए सचिव बर्मा ने कहा कि आईआईएमसी सिर्फ सञ्चार संबंधी तालिम ही नहीं देती, दो देशों के  संबंध और उसके विविध आयाम के बारे में खोज भी करती है और आपसी संबंध को मजबूत बनाने के लिए काम भी करती है । उनके अनुसार इस वर्ष विभिन्न देशों के २१ शहर में कार्यक्रम आयोजन किया गया सचिव बर्मा ने यह भी कहा कि अब जल्द ही आईआईएमसी की अमेरिका, क्यानडा, जर्मन और अष्ट्रेलिया च्याप्टर भी गठन होेने जा रहा है ।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सूचना आयोग के आयुक्त यशोदा तिम्सिना, नेपाल टेलिभिजन के अध्यक्ष एवं नेपाल पत्रकार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष डा. महेन्द्र विष्ट, आईआईएमसी के महासचिव हर्षेन्द्र सिंह आदि वक्ताओं ने भी अपना–अपना विचार व्यक्त किया । उन लोगों का कहना है कि संस्थान की ओर से पत्रकारों की सीप और क्षमता अभिवृद्धि तो होना ही चाहिए, साथ में नेपाल–भारत संबंध में रहे विविध आयाम में भी जोर देना चाहिए । महासंघ के पूर्व अध्यक्ष डा. विष्ट ने कहा कि नेपाल में राजनीतिक पत्रकारिता ही प्राथमिकता में पड़ रही है, अब विकास पत्रकारिता पर जोर देना चाहिए ।


इसीतरह नेपाल और भारत के संचार क्षेत्र से जुड़े हुए विविध विषय और सञ्चार क्षेत्र की चुनोतियों पर प्यानल विचार–विमर्श भी किया गया । इस कार्यक्रम में नेपाल च्याप्टर के अध्यक्ष तथा काठमांडू पोष्ट के सम्पादक अनिल गिरी, वरिष्ठ पत्रकार एवं देशसंचार डटकम के सम्पादक युवराज घिमिरे, हिन्दूस्तान टाइम्स राष्ट्रीय राजनीति सम्पादक सुनित्रा चौधरी, एनडी टीभी के वरिष्ठ कार्यकारी सम्पादक मनोरञ्जन भारती, एचडी डिजिटल मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार प्रसाद सन्याल जैसे व्यक्तित्व की सहभागिता रही । इसीतरह नेपाल और भारत के दर्जनों सञ्चारकर्मी, नेपाल स्थित भारतीय राजदूतावास के विभिन्न पदाधिकारी आदि भी सहभागी थे । कार्यक्रम का सञ्चालन पत्रकार गोपाल झा ने किया ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *