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दिल्ली नेपाली युवक हत्याकांडः लिव-इन पार्टनरशिप ने ली जान

 

 

पुलिस ने दिल्ली की अमर कॉलोनी में बीते दस सितंबर को नेपाली युवक सुनील कुमार की हुई हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस का दावा है कि युवक की लिव-इन पार्टनर ने ही सुनील की हत्या की खौफनाक साजिश रची थी जिसमें उसके साथ कई और लोग शामिल थे। जानिए क्यों अपने ही प्यार को युवती ने उतारा मौत के घाट…

सहमति संबंध में रह रही महिला साथी ने ही पीछा छुड़ाने के लिए अपने भाई व जीजा से युवक की हत्या करवाई थी। आरोपियों ने गला रेतकर युवक की हत्या कर दी थी। अमर कॉलोनी पुलिस ने आरोपी महिला को दिल्ली से व उसके भाई व जीजा को पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू व खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं।दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार ओल्ड डबल स्टोरी, लाजपत नगर-चार स्थित मकान मालिक एके दत्ता ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका किराएदार सुनील कुमार (28) कमरे में मृत पड़ा है।

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पुलिस मौके पर पहुंची तो पता लगा कि सुनील की गला रेतकर हत्या की गई है। हत्या का मामला दर्जकर एसीपी कालकाजी गोविंद शर्मा की देखरेख में अमर कॉलोनी थानाध्यक्ष एके गुंजन, एसआई अभिषेक मिश्रा, एसआई ईश्वर व एसआई आरएस डागर की टीम ने जांच शुरू की।आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। एसआई अभिषेक ने अनीता (25) से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह नौ सितंबर को रात साढ़े ग्यारह बजे ग्रेटर नोएडा में रहने वाले महिला दोस्त के पास चली गई थी।

दस सितंबर को दोपहर डेढ़ बजे वह वापस आई तो सुनील कुमार मृत पड़ा था। जब अनीता से ग्रेटर नोएडा जाने का कारण पूछा गया तो वह कुछ नहीं बता पाई। उसके बयानों में विरोधाभास पाया गया। अनीता से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया।अनीता ने बताया कि उसने अपने भाई व जीजा से सुनील कुमार की हत्या करवाई है। एसआई अभिषेक मिश्रा की टीम ने पश्चिमी बंगाल जाकर अनीता के भाई बिजय छेत्री (30) व उसके जीजा राजेंद्र छेत्री (30) को गांव कालिमपोंग, पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। विजय ने बताया कि उसकी बहन अनीता शादीशुदा है। विवाद के चलते बहन अलग हो गई और वह सुनील कुमार के साथ सहमति संबंध में रहने लगी। अब वह सुनील से पीछा छुड़ाना चाहती थी। सुनील उसे खर्चा भी नहीं देता था। सुनील उसका साथ नहीं छोड़ना चाह रहा था। इस कारण दोनों में झगड़ा होता था।
सुनील की हत्या ऐसे की थी-
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अनीता ने अपने भाई विजय के साथ मिलकर सुनील की हत्या की साजिश रची थी। साजिश में बिजय ने जीजा राजेंद्र को शामिल कर लिया था। दोनों 7 सितंबर को पश्चिमी बंगाल से दिल्ली आ गए थे। दो दिन होटल में ठहरने के बाद नौ सितंबर को रात दस बजे अनीता के पास पहुंचे और रात में साथ रहे। साजिश के तहत अनीता ग्रेटर नोएडा चली गई। जब सुबह चार बजे सुनील सो गया तो दोनों ने चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद आनंद विहार रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर दोनों पश्चिमी बंगाल लौट गए ।

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अमरउजाला से साभार

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