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बगदादी करीब 13 हजार करोड़ के साम्राज्य का मालिक था

 

दुनियाभर के लिए आतंक का पर्याय बने आईएसआईएस के सरगना अबू बकर अल बगदादी को अमेरिका मौत की नींद सुला चुका है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैँ कि बगदादी करीब 13 हजार करोड़ के साम्राज्य का मालिक था।

बगदादी की हैसियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2018 में जानी-मानी पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया के सबसे 100 शक्तिशाली लोगों की सूची में उसे 73वें पायदान पर रखा था। अपने आतंकी संगठन के नाम पर ही बगदादी ने इराक और सीरिया के कई शहरों को कब्जाकर उसे ‘इस्लामिक स्टेट इराक एंड सीरिया’ (आईएसआईएस) नामक अलग देश घोषित कर दिया था। आतंक की कंपनी चलाने में बगदादी, ओसामा बिन लादेन से भी आगे निकल गया। इसीलिए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बगदादी को ओसामा बिन लादेन से भी बड़ा आतंकी करार दिया।

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कंपनी की तरह चलाता था साम्राज्य :
वह आईएसआईएस को एक कंपनी की तरह चलाता था। उसने अपनी आतंकी फौज में सोशल मीडिया के द्वारा दुनियाभर से लड़ाके भर्ती किए। हर लड़ाके को वेतन देता था। मोसूल में भी उसकी करीब 4700 करोड़ की संपत्ति थी। हालांकि, अभी तक सिर्फ उसके एक ही खजाने का पता चला है। उसके ऐसे कई और खजाने हो सकते हैँ। कमाई के लिए बगदादी ने अपने लड़ाकों को बैंक लूटने और तेल रिफाइनरी कब्जाने की खुली छूट दे रखी थी। हर शहर में खरीदने-बेचने वाले सामानों पर अलग से टैक्स लगाया था, उनसे वसूली की जाती थी।

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ऐसे होती थी कमाई (राशि औसतन):
– 27 करोड़ रुपये प्रतिमाह बैकों को लूटने से
– 14 करोड़ रुपये प्रतिमाह टैक्स वसूली से
– 28 करोड़ रुपये प्रतिमाह फिरौती की रकम से
– 11 करोड़ रुपये प्रतिदिन तेल बेचने से
– 3.5 करोड़ रुपये सालाना चंदा

रेगिस्तान में छिपाए थे 175 करोड़ रुपये:
बगदादी के रिश्तेदार मोहम्मद अली साजेत ने 2015 में आईएस से जुड़ा था। बाद में यह इराकी अधिकारियों के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ में कई अहम राज खुले। उसने बताया, उसके छुपने की स्थिति बेहद अच्छी थी, हमें नहीं लगा था वह मारा जाएगा। बगदादी बाहर निकलना चाहता था। वह एक सुरंग में छिपा हुआ था। उसमें कुरान और धार्मिक किताबें भी होती थीं। बगदादी डरता था कि बैंक या लॉकर में पैसे पकड़ में आ सकते हैं। इसलिए उसने करीब 175 करोड़ रुपये रेगिस्तान में छिपाए थे।

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लाखों लोग भेजते थे चंदा:
बगदादी और उसके संगठन आईएसआईएस की विचारधारा से लाखों लोग प्रभावित हुए। नतीजतन लोगों ने उन्हें चंदा भेजना शुरू कर दिया। अमेरिकी ट्रेजरी के डेटा के मुताबिक बगदादी को हर साल चंदे से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की कमाई होती थी।

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