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शांति की स्थापना गौतम बुद्ध के विचार से ही सम्भव है : विदेश मंत्री ज्ञावाली

 

हिमालिनी संवादाता रूपन्देही रूपन्देही जिला लुम्बिनी में अनुसन्धान केंद्र एवं लुम्बिनी विश्वविद्यालय तथा लुम्बिनी ट्रस्ट के संयोजकत्व में बुद्धवार को लुम्बिनी स्थित कांफ्रेंस हाल में एक दिवसीय दुनिया मे शांति की स्थापना कैसे हो विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में प्रमुख अतिथि विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ज्ञवाली ने कहा कि शांति की स्थापना बुद्ध के विचार से ही सम्भव है। संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए भारत से आये अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान एवं बौद्ध स्मारक विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर अरविंद आलोक ने कहा कि शान्ति की स्थापना विश्व मे, समाज मे और राष्ट्र में तभी हो सकती है जब व्यक्ति के चित्त में शांति स्थापित हो जऐ ।

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शांति की स्थापना के लिए यह जरूरी है कि हर व्यक्ति के मन मे शांति हो। भगवान बुद्ध के जो उपदेश है वो व्यक्ति के चित्त के निर्माण एवं चित्त के शुद्धि के लिए ही है। मन के विचार को दूर करना और व्यक्ति के अंदर सम्यक दृष्टि की स्थापना ही परिवार में, समाज मे, राष्ट्र में और विश्व मे शांति सुनिश्चित कर सकता है। शांति के बल पढ़ने की चीज नही है शांति तभी आ सकती है जब व्यक्ति शांति को शांत चित्त से अनुपालन करे और उसका जीवन मे प्रयोग करे। भारत में रहें नेपाल के पूर्व राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत और नेपाल को मिलकरके बुद्ध की साझा संस्कृति का संरक्षण करना चाहिए और इसके लिए प्रो. अरविंद आलोक का सहयोग और उनका नेतृत्व हमारे लिए बहुत उपयोगी होगा। संगोष्ठी को डॉ. निरंजन एमएस बसन्यात, प्रो.गोविंद, प्रो. त्रिरत्ना मंधार, रमेश दुग्गल सहित मलेशिया, फिलीपींस, कमोडिया से आये प्रतिनिधियों ने भी सम्बोधित किया।

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