Mon. Apr 6th, 2020

एक जनवरी आ रही,सभी लिये उत्साह ! बात तभी बन पायगी,बनो वक़्त के शाह !! प्रो.शरद नारायण खरे

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सूरज आया इक नया,गाने मंगल गीत !
प्रियवर अब दिल में सजे,केवल नूतन जीत !!

उसकी ही बस हार है,जो माना है हार !
साहस वाले का सदा,विजय करे श्रंगार !!

बीते के सँग छोड़ दो,मायूसी-अवसाद !
नवल बनेगा अब धवल,देगा मधुरिम याद !!

खट्टी-मीठी लोरियां,देकर गया अतीत !
वह भी था अपना कभी ,था प्यारा सा मीत !!

जाते -जाते वर्ष यह,करता जाता नेह !
अंतर इसका जनवरी,भले दिसंबर देह !!

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फिर से नव संकल्प हो, फिर से उत्थान !
फिर से अब जयघोष हो,हो फिर से नव गान !!

नया सूर्य ले आ गया,नया शौर्य,नव ताप ! 
लिये आप आवेग यदि,नहीं बनोगे भाप !!

नहीं शिथिलता हो कभी,नहीं चरण हों मंद !
गिरकर फिर आगे बढ़ो,काम नहीं हो बंद !!

एक जनवरी आ रही,सभी लिये उत्साह !
बात तभी बन पायगी,बनो वक़्त के शाह !!

दोस्त,मित्र,बंधू,सखा,रक्खो सँग नववर्ष !
मिले तुम्हें खुशियां ” शरद”,मिले सुखद नव हर्ष !!

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प्रो.शरद नारायण खरे
      विभागाध्यक्ष इतिहास
  शासकीय जे.एम.सी. महिला महाविद्यालय
     मंडला(म.प्र.)-481661

–प्रो.शरद नारायण खरे
विभागाध्यक्ष इतिहास
शासकीय जे.एम.सी. महिला महाविद्यालय
मंडला(म.प्र.)-481661
ई मेल–[email protected] gmail.com

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