Tue. Oct 20th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

कोशी पर्यटन महोत्सव शुरू , मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

 

माला मिश्रा बिराटनगर

पर्यटको को आकर्षित करने के उद्देश्य से भारतीय सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिला अंतर्गत कुसहा स्थित कोशी टप्पू में कोशी पर्यटन महोत्सव का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन 1 नंबर प्रदेश का मुख्यमंत्री शेरधन राई ने किया ।मुख्य अतिथि श्री राई ने कहा महोत्सव का उद्देश्य नेपाल के मनमोहक पर्यटक स्थल को विदेशी पर्यटकों को अवलोकन व प्रचार प्रसार कराना है ।नेपाल इस वर्ष भीजित नेपाल 2020 मना रहा है । सरकार का उद्देश्य पांच लाख पर्यटक को यहां लाने का है ।

इसके लिए सरकार बिभिन्न कार्यक्रम भी कर रही है । कहा नेपाल प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण है । यहाँ तराई पहाड़ हिमाल के साथ साथ वन टप्पू , जंतु, आरक्षण क्रेंद्र है जो पर्यटको के लिए महत्वपूर्ण आकर्षक पर्यटकीय स्थल है । 175 किलोमीटर वर्ग में फैले कोशी वन टप्पू में 530 पक्षियों की प्रजाति अवलोकन के लिए आये पर्यटकको को आकर्षित के लिए काफी है ।

यह भी पढें   नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन के नतीजे घोषित: गगन कुमार थापा बने नए अध्यक्ष, 231 पदाधिकारी और सदस्य निर्वाचित

महोत्सव में मैथिल , नेवार , थारू ,उरांव , मुस्लिम सांस्कृतिक नृत्य का लोगो को आकर्षित किया । इस मौके पर विशिष्ट अतिथि जगदीश कुसयैत ने भी महोत्सव पर विस्तार से प्रकाश डाला ।इस मौके पर कोशी गाऊपालिका सह महोत्सव का अध्यक्ष अयूब अंसारी , कांग्रेसी नेता राजीव कोइराला , बीरपुर का एसडीएम सुभाष नारायण सिंह सांसद व पूर्व राज्यमंत्री सीताराम मेहता , सुनसरी का प्रमुख जिलाधिकारी राजेश पौडेल , कोशी गाऊपालिका का उपाध्यक्ष अनिता देवी यादव , इनरुवा का मेयर राजन मेहता, आचार्य धर्मेंद्र नाथ मिश्र, मैथिली सेवा समिति इनरूवा का अध्यक्ष जीवनारायन झा उर्फ जिबु बाबू सहित अन्य लोग मंचीसीन थे । इससे पूर्व पंडित आचार्य धर्मेन्द्रनाथ मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि से क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया ।

यह भी पढें   पर्यटन सीजन समाप्त होने से पहले पोखरा–जोमसोम नियमित हवाई सेवा स्थगित

बताया गया यह महोत्सव 2 फरवरी से 11 फरवरी तक चलेगा । बताया गया कार्यक्रम आयोजित करने के पीछे का एक उद्देश्य यह भी है कि भारत एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के बीच में सामंजस्यता और आपसी प्रेम स्थापित की जाए। हम लोगों में भौगोलिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से काफी समानताएं हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले मेहमानों के लिए ठहरने एवं भोजन की उत्तम प्रबंध की गई थी। साथ ही मेहमानों को गाड़ी के माध्यम से जंगल सफारी भी कराया गया।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com