चीन द्वारा किमांथांका और ओलांगचुंगोला नाका बंद, खादान्न सामग्री संकट उत्पन्न
चीन द्वारा किमांथांका और ओलांगचुंगोला सीमा को बंद करने के बाद सीमावर्ती गांवों में खाद्य संकट उत्पन्न हाे गया है । संखुवासभा भोथखोला गांव किमांथांका चीन के बाजार पर निर्भर है नाका बंद हाेने के कारण, दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कमी है। अगर दो दिनों के भीतर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई ताे हालत चिन्ताजनक हाे जाएगी । काेराेना वायरस का कारण दिखाते हुए “चीन ने माघ पाँच से सीमा को अवरुद्ध कर दिया है।” जिसकी वजह से खादान्न तथा दैनिक वस्तुओं की कमी हाे गई है । चीन ने किमांथांका और चांगा बाज़ार के बीच कामू नदी के पुल पर चीनी सुरक्षाकर्मी काे तैनात किया हुआ है । उन्होंने पुल खोलने से इनकार कर दिया। किमांथांका का जिला मुख्यालय खंदारी से 3 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोग दैनिक उपभोग के लिए तिब्बत के चांगा मार्केट पर निर्भर हैं। गांव के उपायुक्त पंजम भोटे ने कहा कि सशस्त्र पुलिस सहित सीमा सुरक्षा पोस्ट, पुलिस पोस्ट और स्वास्थ्य पोस्ट के कर्मियों को भी समस्या हो रही थी। सीमा के साथ, चीन ने चांगा, रिउ, ल्हासा सहित बाजार की दुकानें भी बंद कर दी हैं। चीनी नागरिकों के वहां जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। भोटखोला तक सड़क है फिर भी वहाँ से आगे ट्रैक्टर नही जा सकता क्याेंकि बीच में ऊंचे पहाड़ों में बर्फबारी के कारण, मंसिर से बैशाख तक का आवागमन बंद है जिसकी वजह से स्थानीय लाेगाें काे अत्यन्त कठिनाई उठानी पड रही है ।
अन्नपूर्ण पाेस्ट से

