Fri. Apr 3rd, 2020

चीन में जानलेवा कोरोनावायरस के चलते 425 लोगों की मौत, संक्रमित लोगों की संख्या 20,400

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चीन में जानलेवा कोरोनावायरस के चलते मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चीन की सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक अभी तक कोरोनावायरस के चलते 425 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इससे संक्रमित 64 नए मामले भी सामने आए हैं। पूरे देश में इससे संक्रमित लोगों की संख्या 20,400 हो गई है।
कोरोना वायरस से जूझ रहे चीन में सर्जिकल मास्क और चिकित्सकीय सामानों की कमी हो गई है और उसे इनकी तत्काल जरूरत है। साल 2002 में आए सार्स से भी ज्यादा लोगों की जान ले चुके कोरोना वायरस से चीन में 20 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।चीन ने नौ दिन में बनाया 1000 बेड का अस्पताल
चीन ने सोमवार को कोरोनोवायरस से प्रभावित वुहान शहर में नौ दिनों में बनाया गया 1,000 बेड का अस्पताल खोला और वायरल वायरस के इलाज के लिए क्लिनिकल परीक्षण शुरू किया। एक चीनी स्वास्थ्य विशेषज्ञ झोंग नानशान ने कहा कि ताजा सबूतों के आधार पर कोरोनोवायरस जो चीन और दुनिया में तेजी से फैल रहा है, अगले 10 से 14 दिनों में अपने चरम पर पहुंच सकता है। इसका मतलब यह है कि यह मामला कम होने के बजाय तेजी से बढ़ेगा, जो दुनिया के लिए परेशानी का सबब होगा।
चीन में सर्जिकल मास्क की किल्लत
कोरोनावायरस से जूझ रहे चीन में सर्जिकल मास्क और चिकित्सकीय सामानों की कमी हो गई है और उसे इनकी तत्काल जरूरत है। 1.4 अरब आबादी वाले देश में लोग डर के मारे अपने घरों में सर्जिकल मास्क जमा कर रहे हैं। इधर, चीन ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि बीमारी से निबटने में मदद करने के बजाय वह डर और खौफ का माहौल पैदा कर रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ शुनविंग ने कहा, चीन को अभी सबसे ज्यादा जरूरत सर्जिकल मास्क, संक्रमण से सुरक्षित रखने वाले खास सूट और रंगीन चश्मों की है।

चीनी सरकार ने वायरस के चलते बिगड़ते आर्थिक और कूटनीतिक परिस्थितियों के लिए अमेरिका पर अंगुली उठाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका मदद करने की बजाय डर और खौफ का माहौल पैदा कर रहा है। बता दें कि व्यापारिक विवादों के चलते चीन और अमेरिका के संबंध पिछले एक साल से तनावपूर्ण रहे हैं। कोरोनावायरस का संक्रमण सामने आने पर चीनी यात्रियों पर प्रतिबंध और चीन में अपने दूतावास के कर्मचारियों में कमी करने वाला पहला देश अमेरिका ही था।

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