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अयोध्या की एक ऐसी राजकुमारी, जो कोरिया की महारानी बन गई

 

भगवान राम के जन्म स्थान के रूप में प्रसिद्ध अयोध्या से जुड़े कई बातों के बारे में आप जानते होंगे। लेकिन क्या कभी आप अयोध्या की एक ऐसी राजकुमारी के बारे में सुना है, जो कोरिया की महारानी बन गई थी? हालांकि, आपको यह बात  थोड़ी अजीब लग रही होगी, लेकिन यह बिल्कुल सच है। दक्षिण कोरिया के लोग भी इस बात को मानते हैं और अक्सर अयोध्या आते रहते हैं।इस महारानी का नाम हियो ह्वांग-ओक था, जो प्राचीन कोरियाई राज्य कारक के संस्थापक राजा किम सू-रो की भारतीय पत्नी थीं। अयोध्या में सरयू नदी के किनारे कोरिया की उस महारानी का स्मारक भी है, जो कभी यहां की राजकुमारी थीं।
अयोध्या में इस राजकुमारी को रीरत्ना के नाम से भी जाना जाता है। कोरिया के इतिहास के मुताबिक, महारानी हियो ह्वांग-ओक यानी राजकुमारी सुरीरत्ना भारत से दक्षिण कोरिया के ग्योंगसांग प्रांत के किमहये शहर गई थीं और वहीं की होकर रह गईं।

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बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति किम डेई जंग और पूर्व प्रधानमंत्री हियो जियोंग और जोंग पिल-किम भी कारक वंश से ही आते थे। इस वंश के लोगों ने उन पत्थरों को आजतक संभाल कर रखा है, जिनके बारे में माना जाता है कि अयोध्या की राजकुमारी अपनी समुद्री यात्रा के दौरान नाव को संतुलित रखने के लिए साथ लाई थीं।कहा जाता है कि महारानी हियो ह्वांग-ओक और राजा किम सू-रो के कुल 12 बच्चे थे। आज कोरिया में कारक गोत्र के तकरीबन 60 लाख लोग खुद को राजा किम सू-रो और अयोध्या की राजकुमारी के वंश का बताते हैं। किमहये शहर में महारानी हियो ह्वांग-ओक की एक बड़ी प्रतिमा भी है।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल सैकड़ों दक्षिण कोरियाई अपनी पौराणिक महारानी हियो ह्वांग-ओक को श्रद्धांजलि देने के लिए भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या का दौरा करते हैं।

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