Sun. May 31st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

प्रधानमंत्री ओली की ओर से अयोध्या को लेकर दिए गए बयान पर विदेश मंत्रालय ने सफाई दी

 

काठमान्डू

 प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की ओर से अयोध्या और हिंदुओं के आराध्य भगवान श्री राम को लेकर दिए गए बयान पर  विदेश मंत्रालय ने सफाई दी है।  विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया है। इसमें कहा गया है, ‘ये टिप्पणियां किसी राजनीतिक मुद्दे से जुड़ी नहीं थीं और किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। इसका मतलब अयोध्या के सांस्कृतिक मूल्यों और महत्व  पर बहस शुरू करना नहीं है।’

यह भी पढें   सड़क मरम्मत अभियान के लिए 286 अरब 52 करोड़ रुपये का बजट आवंटित

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी इस स्पष्टीकरण में कहा गया है, ‘श्री राम और उनसे संबंधित स्थानों को लेकर कई मत और संदर्भ हैं। प्रधानमंत्री श्री राम, अयोध्या और इनसे जुड़े विभिन्न स्थानों को लेकर तथ्यों की जानकारी के लिए केवल उस विशाल सांस्कृतिक भूगोल के अध्ययन और शोध के महत्व का उल्लेख कर रहे थे जिसे रामायण प्रदर्शित करती है।’  केपी शर्मा ओली ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि असली अयोध्या नेपाल में है और भारत ने सांस्कृतिक अतिक्रमण करने के लिए वहां फर्जी अयोध्या का निर्माण कराया।

यह भी पढें   गणतंत्र दिवस पर कार्यकारी प्रमुख द्वारा संबोधन करने की परंपरा टूटी,सत्तारूढ़ पार्टी ने नहीं दी शुभकामना

प्रधानमंत्री ओली ने आरोप लगाया था कि नेपाल को सांस्कृतिक रूप से दबाया गया है। प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में ओली ने कहा था, ‘हमें सांस्कृतिक रूप से दबाया गया है। तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। हम अब भी मानते हैं कि हमने भारतीय राजकुमार राम को सीता दी थी। लेकिन हमने भारत की अयोध्या के राजकुमार को सीता नहीं दी थी। असली अयोध्या बीरगंज के पश्चिम में स्थित एक गांव है, न कि वह जिसे अब बनाया गया है।’

यह भी पढें   सिक्किम में डा. कायस्थ लिखित पुस्तक विमोचन

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने ओली के अयोध्या को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान पर तल्ख टिप्पणी की है और उनके बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *