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२३वें तीर्थंकर पारसनाथ की जयंती वीरगंज में मनाई गई

 

महुवन को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘अहिंसा भूमि’ के रुप में विकास किया जाएगा: मुख्यमंत्री राउत

वीरगंज । २३वें तीर्थकर भगवान पारसनाथ की जयंती वीरगंज में धूमधाम से मनाई गई । जिसका उद्घाटन प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री लालबाबू राउत गद्दी ने किया । कार्यक्रम को संबोधन करते हुए प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत ने कहा कि प्रदेश सरकार इस जैन तीर्थस्थल महुवन के विकास के लिए एक मास्टर प्लान पर काम कर रही है । उन्होंने इस जगह को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘अहिंसा भूमि’ के रुप में पहचान स्थापित कराने के लिए योजनावद्ध तरीके से विकसित करने पर जोर दिया ।
समारोह में भारत सरकार के नेपाल (वीरगंज) स्थित महावाणिज्य दूत नितेश कुमार ने नेपाल–भारत सांस्कृतिक संबंध पर प्रकाश डालते हुए जैन सर्किट में ‘महुवन’ को जोड़ने की बात कही । नेपाल–बिहार झारखंड जैन समाज के उपाध्यक्ष अशोक वैध ने कहा कि महुबन में विकास की अपार संभावनाएं है । उन्होंने कहा– ‘यह विश्व भर के जैनियों के लिए श्रद्धा का केन्द्र के रुप में उभर रहा है ।’
जैन तीर्थंकर के जयंती समारोह में गैर जैनियों की व्यापक सहभागिता इस समारोह में देखी गई है । इस समारोह में संघीय सांसद् हरिनारायण रौनियार, प्रदेश सांसद् प्रल्हाद गिरी, पत्रकार चन्द्र किशोर झा, मेयर प्रदीप जायसवाल ने भी महुवन के संबंध में अपने–अपने विचार प्रस्तुत किए । उन लोगों का कहना है कि महुवन के चतुर्मुखी विकास से नेपाल के सांस्कृतिक वैभव हासिल होगा । वक्ताओं ने अपने–अपने क्षेत्र से योगदान देने की प्रद्धिबद्धतना भी जतायी ।
स्मरणीय है, जैन तीर्थ की दृष्टि से नेपाल के तराई क्षेत्र का नाम आदर से लिया जाता है । प्रदेश नं. २ को २३वें तीर्थकर मल्लीनाथ और २१वें तीर्थकर नेमिनाथ को जन्म देने का गौरव प्राप्त है ।

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