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त्रिदिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला विभिन्न क्रियाकलापो पर चर्चा

 

माला मिश्रा जोगबनी । भारत नेपाल का सीमावर्ती शहर जोगबनी स्थित  त्रिदिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला  बिहार सरकार के द्वारा जारी COVID -19 SOP के अनुरूप प्रारम्भ हुआ । द्वितीय दिवस में कुल पांच सत्र होना है ।

सभी आचार्य एवं दीदी जी प्रातः 6 :55 में विद्यालय आगये एवम 7 से 8 बजे तक उन्होंने योग एवं प्रातः स्मरण किया।

द्वितीय दिवस का प्रथम सत्र वंदना से प्रारंभ हुआ जिसमें विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री राकेश कुमार सिंह जी के द्वारा द्वीप प्रज्वलित किया गया । वंदना पश्चात प्रधानाचार्य मनोज सिंह  ने सभी आचार्य जी को एक आदर्श आचार्य बनने का मूल मंत्र दिया । उन्होंने आचार्य जी को शुद्ध लेखन पर ध्यान देने को कहा , उन्होंने सभी आचार्य जी को समय पर कक्षाकार्य एवं गृहकार्य जांच करने के लिये कहा । उन्होंने सभी आचार्य को समय पालन करने को कहा ।साथ ही अपने साथ TLM का प्रयोग करने के लिए कहा। उन्होंने कहा बिना आवेदन के अवकाश लेना अच्छी स्तिथि नही है ।विद्यालय आने के पश्चात स्वस्थ शरीर एवं स्वच्छ मन से पूर्ण स्फूर्ति के साथ सभी आचार्य को काम करना चाहिये।

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द्वितीय दिवस के द्वितीय सत्र में प्रधानाचार्य जी ने आचार्य जी के बीच शैक्षणिक एवम सह शैक्षणिक क्रियाकलापों की उत्कृष्टता पर चर्चा किये।

द्वितीय दिवस के तृतीय सत्र :- में विद्यालय समय सारणी पर चर्चा हुआ आचार्यों ने अपने रुचि एवम ज्ञान के अनुसार दायित्य लिया एवं आगामी सत्र में अपने दायित्वों को ईमानदारी से पूर्ण करने का आस्वासन दिया।

द्वितीय दिवस के चतुर्थ सत्र में पाठ्यक्रम पर आधारित शैक्षिक एवम सह शैक्षणिक  पाठ्यक्रम में विचार विमर्श हुआ एवं भारत सरकार द्वारा लागू नई शिक्षा नीति पर को पढ़कर उसपर आधारित पठन -पठान कार्य करने को कहा गया । नए सत्र में छात्र व्यवस्थित होकर , पुस्तक सूची के अनुरूप विद्यालय आये इस पर चर्चा हुई। आंग्ल संभाषण एवम संस्कृत संभाषण की व्यवस्था पर चर्चा हुई।

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प्रधानाचार्य जी ने सभी आचार्य जी को विद्यालय आते समय अपने साथ पाठ टीका लिखकर लाने को कहा साथ ही उन्होंने पंचपदी शिक्षण प्रणाली को अपनाने पर जोर दिया ।

द्वितीय दिवस के पंचम सत्र में प्रदेश सह सचिव श्री राम लाल सिंह जी एवं संकुल संयोजक डॉ सुशील नायक उपस्थित हुए ।माननीय प्रधानाचार्य जी ने उनका परिचय सभी आचार्य जी से कराया फिर उनका सम्मान अंग वस्त्र , डायरी एवम कलम से किया गया ।माननीय प्रदेश सह सचिव महोदय जी ने सभी आचार्य को दृढ़ संकल्प एवमं इच्छाशक्ति से लक्ष्य की प्राप्ति का मंत्र बताया ।उन्होंने कहा जिस मनुष्य में राम नही वह किसी के काम नही , उन्होंने भगवान से उच्च स्थान भक्त को दिया । उन्होंने कहा कि समाज से हर अच्छी बातों का अनुकरन करना चाहिये । साथ ही उन्होंने विद्यालय के पंच प्राण पर विस्तृत जानकारी को साझा किया ।

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उनके बाद संकुल संयोजक डॉ सुशील नायक जी ने आचार्य कार्यशाला को आगामी सत्र हेतु एक ठोस नीव का कार्य बताया तथा इसे कार्यशाला में तय किया गया विषय को अनुपालन कर विद्यालय में असीम समृद्धि लाएगी।

अंतिम में संघ स्थान में एकत्रित होकर संघ प्रार्थना किया गया श्री राजेन्द्र आचार्य जी ने एक घंटे का शारीरिक लिया । उन्होंने सभी आचार्य एवम दीदी जो प्रतिदिन भैया / बहन को शारिरिक करने को कहा एवम द्वितीय दिवस का चर्चा सम्पन हुआ।

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