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‘वॉल स्ट्रीट पर क़ब्ज़ा’ मुहिम के सैकड़ो प्रदर्शनकारी गिरफ़्तार

 

पुलिस ने न्यूयार्क के वित्तीय इलाक़े ‘वॉल स्ट्रीट पर क़ब्ज़ा करो’ मुहिम चला रहे 500 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार कर लिया है.

मुहिम में शामिल लोग पिछले दो हफ़्तो से अमरीकी समाज में लोगों की आमदनियों में बढ़ते फ़ासले, जिसे वो कार्पोरेट के कथित लालच का नाम देते हैं, और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार पूंजीपतियों के हितों का ज़्यादा ध्यान रख रही है.

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कुछ जगहों पर इसे पूंजीवादी व्यवस्था के विरोधियों का एक गठबंधन भी बताया जा रहा है.

अधिकारियों का कहना है कि शनिवार सुबह लोग प्रदर्शन स्थल के पास से गुज़र रहे एक पुल पर खड़े होकर वाहनों की आवाजाही में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे.

पुलिस

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक़ पुलिस ने पहले से ही सड़क पर रूकावटे लगा दी थी और जाल के साथ वो उन्हें गिरफ़्तार करने के तैयार बैठे थे.

इनमें से कई के ख़िलाफ़ उत्पाती व्यवहार और पुलिस के काम में बाधा डालने का मुक़दमा चल सकता है.

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हालांकि प्रदर्शनकारियों की तादाद बहुत अधिक नहीं है लेकिन पुलिस उनके साथ सख़्त रवैया अपना रही है.

प्रदर्शन अमरीका

अमरीका से दो साल पहले शुरू हुई मंदी वहां के बड़े बैंको की ग़लत नीतियों का अंजाम थीं.

पिछले हफ़्ते एक विडियो फुटेज में एक पुलिसकर्मी को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ पेप्पर स्प्रे (जिससे आंखों में जलन होती है), का इस्तेमाल करते दिखाया गया था जिसके बाद विरोधों में और तेज़ी आ गई है.

बदलाव का संकेत

कई मज़दूर संगठनों ने इस मुहिम को अपना समर्थन देने की घोषणा की है.

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बीबीसी संवाददाता जेम्स रीड का कहना है कि हालांकि इसे मिस्र के तहरीर चौराहे जैसी क्रांति नहीं क़रार दिया जा सकता है लेकिन अमरीकी पूंजीवाद के केंद्र – वॉल स्ट्रीट पर हो रहा ये प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आर्थिक मंदी किस तरह अमरीका में बदलाव ला रहा है.

हाल के दिनों में इस तरह के हुए कई प्रदर्शनों में से एक है.

इसी तरह के प्रदर्शन अमरीका के दूसरे शहरों बोस्टन, शिकागो और सन फ्रांसिसको में भी आयोजित किए गए हैं. BBC HINDI

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