Sun. Jun 21st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल में हिन्दी को संपर्क भाषा होना आवश्यक : मुख्यमंत्री मो.लालबाबू राउत

 


जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । नेपाल में संपर्क भाषा हिंदी होना चाहिए। इसके लिए हमारी सरकार शुरू से प्रयासरत हैं। नेपाल में हिन्दी भाषा एक दुसरे को जोड़ती है। उपयुक्त बातें प्रदेश दो के मुख्यमंत्री मो. लाल बाबू राउत ने रविवार को भारतीय महाबाणिज्य दूतावास आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के अवसर पर विश्व हिंदी दिवस के पूर्व संध्या पर जनकपुरधाम उद्योग बाणिज्य संघ के सभाकक्ष में आयोजित नेपाल और भारत के सांस्कृतिक संबंध में हिन्दी का योगदान बिषय पर आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि पद से बोलते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि नेपाल के पहाड़ी लोग में हिन्दी फिल्म, धारावाहिक तथा हिन्दी गाना सुनते है। फिर हिंदी पर भेदभाव क्यों करते हैं। हिन्दी विश्व के70 देशों में वोलते जाते हैं। प्रदेश सरकार हिन्दी के समुचित विकास के लिए कटिबद्ध हैं।

यह भी पढें   नेपालगन्ज में लायन्स इन्टरनेशनल के आयोजन में १२५ लोगों ने किया रक्तदान 

प्रदेश दो के सामाजिक बिकास मंत्री नवल किशोर साह ने कहा कि 50साल बर्ष पहले नेपाल के स्कूलों में हिंदी भाषा में ही पढाया जाता था। लेकिन एक षड्यंत्र के तहत इसे समाप्त किया गया। आज गांव की बुजुर्ग महिला तथा पुरुष नेपाली नहीं समझती हैं। वे अपनी मातृभाषा मैथिली, भोजपुरी, अवधी आदि भाषा बोलते हैं।
पूर्व मंत्री तथा बिधायक सुरीता साह ने कहा कि भाषा जितनी जानकारी हो उतना लोग आगे बढते हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दी के पत्र पत्रिका का विकास होनी चाहिए। भाषा नहीं सीखाती है आपस में वैर रखना। हिंदी वोलने वाले को भारतीय उपहास करने के पीछे भी खसबादी का एक सोची समझी चाल है। इस अवसर पर जनकपुरधाम के मेयर लाल किशोर साह ने कहा कि नेपाली हमारी राष्ट्र भाषा है मैथिली मातृभाषा है। उसे तरह हिंदी हमें संपर्क भाषा के रुप में स्वीकार करना होगा। हिंदी के विकास के लिए जनकपुरधाम उप महानगर पालिका भी सहयोग करेगी। अवकाश प्राप्त प्रोफेसर आशा सिन्हा की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम में राम भरोस कापड़ि भ्रमर, डा. पशुपति झा ने नेपाल और भारत के सांस्कृतिक संबंध में हिन्दी का योगदान बिषय पर विचार रखें। चन्द्रशेखर राय चमन, अयोध्या नाथ चौधरी, रेवती रमण लाल, हिमांशु चौधरी, पूर्व सांसद महेन्द्र मिश्र, मिश्री लाल मधुकर सहित कई कविओ ने समसामयिक विषयों पर कविता वाचन किए। सभी कवियों को अंग बस्त्र, साहित्यिक पुस्तकें तथा प्रमाण पत्र भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज के महा बाणिज्य दूत नीतेश कुमार के सहयोग में प्रमुख अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। इसी तरह मुख्य अतिथि तथा बिशेष अतिथि को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूनम झा मैथिल ने किया।

यह भी पढें   फीफा विश्वकप २०२६ – घाना की विजयी शुरुआत

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *