बहुत हो चुकी है बर्बादी बस अब सब आबाद रहें : मंजू उपाध्याय
नव वर्ष
नववर्ष में हर्ष हो
कोविद मुक्त वर्ष हो
जीवन की हर खुशी मिले
सबके मन में उत्कर्ष हो
मास्क मुक्त यह देश हो
सबका मन भयमुक्त हो
चलो मनाएं नववर्ष
जीने की राहे हो आसान
अब सबका हो कल्याण
खुशियों से भर जाए घर संसार
इस नये वर्ष में
खुशिया अपरंपार हो
हो न कोई भी दीन दुखी
सब एक समान हों
अब न कोई घर टूटे
और किसी का साथ न छूटे
बहुत हो चुकी है बर्बादी
बस अब सब आबाद रहें
ईश्वर सब पर कृपा करे
नववर्ष मंगलमय हो ।

शोधार्थी, हिंदी विभाग
मुंबई विश्वविद्यालय


