समाजवाद उन्मुख अर्थतन्त्र की बात बेकार हैः डा. भट्टराई

काठमांडू, २५ मार्च । पूर्व प्रधानमन्त्री तथा जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) के नेता डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि वर्तमान परिस्थिति में नेपाली अर्थतन्त्र को समाजवाद उन्मुख अर्थतन्त्र के नाम से सम्बोधन करना बेकार है । उनका मानना है कि अगर हम लोग वर्तमान स्थिति को ही समाजवाद उन्मुख अर्थतन्त्र नामाकरण करते हैं तो समाजवाद तक पहुँच ही नहीं सकते है । आज शुक्रबार काठमांडू में शुरु अर्थशास्त्रियों की सम्मेलन को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए डा. भट्टराई ने कहा– ‘कुछ अर्थशास्त्री बहुत ही जोर–बल के साथ समाजवाद उन्मुख अर्थतन्त्र की बात करते हैं, लेकिन हमारी सन्दर्भ में ऐसी शब्दावली प्रयोग का खास अर्थ नहीं है । समाजवाद तो बहुत दूर की बात है । आज ही हम लोग समाजवादी अर्थतन्त्र की बात करते हैं तो वहां तक नहीं पहुँच सकते ।’
डा. भट्टराई ने कहा है कि बिगत ४०–५० साल से नेपाली की अर्थतन्त्र समान हॉलत में है, समस्या में है । उन्होंने कहा कि हर तथ्यांक नेपाली अर्थतन्त्र में समस्या दिखाती है, लेकिन उसका समाधान हम लोग नहीं ढूंढ पा रहे हैं । डा. भट्टराई ने कहा– ‘नेपाली अर्थतन्त्र कमजोर अवस्था में है । कोरिया जैसे देशों की बात छोड़ दीजिए । हमारे ही पास में रहे बंगलादेश और भुटान को ले सकते हैं, वे भी हम से आगे निकल चुके हैं, नेपाल पीछे का पीछे रह गया ।’
डा. भट्टराई ने कहा है कि आज नेपाली युवा पीढ़ी विदेश जाने के लिए बाध्य हैं । उनका मानना है कि परिस्थिति में कुछ बदलाव नहीं आएगी तो एक दिन यहां सिर्फ बुढे लोग ही रहेंगे ।

