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एक नहीं, दो चाँद है धरती के पास

 

काठमान्डू 30सितम्बर

हम सब जानते हैं कि धरती के पास एक चाँद है किन्तु धरती के पास एक दूसरा चांद भी है. वैसे यह खुशी कुछ ही पल रहने वाली है. यह नवंबर तक ही रहने वाला है धरती के पास रहेगा, फिर यह अंतरिक्ष के घोर अंधेरे में कहीं खो जाएगा. इसे ‘मिनी-मून’ कहा जा रहा है. यह मिनी-मून एक एस्टेरॉयड है, जिसका नाम ‘2024 PT5’ है. इसका आकार एक स्कूल बस के जैसा है. यह रविवार (29 सितंबर) को पृथ्वी के पास से गुजरा और धरती ने अपने गुरुत्वाकर्षण से अपने करीब खींच लिया. यह बस 57 दिन तक ही पृथ्वी के चारों ओर चक्कर काटेगा.

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‘2024 PT 5’ की खोज 7 अगस्त, 2024 को एस्टेरॉयड टेरेस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम (ATLAS) द्वारा की गई थी. यह अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की ही एक इंडिपेंडेंट सिस्टम है. यह पृथ्वी के निकट एस्टेरॉयड की निगरानी के लिए किया जाता है. अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (RNAAS) के रिसर्च नोट्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में, खगोलविदों का कहना है कि 2024 PT5 की कक्षीय विशेषताएं अर्जुन एस्टेरॉयड बेल्ट से आने वाले क्षुद्रग्रहों से मिलती-जुलती हैं.

अर्जुन एस्टेरॉयड समूह का हिस्सा
इसरो के नेटवर्क फॉर स्पेस ऑब्जेक्ट्स ट्रैकिंग एंड एनालिसिस (NETRA) के प्रमुख डॉ. अनिल कुमार भी एस्टेरॉयड्स पर भी कड़ी नजर रखते हैं. उन्होंने बताया कि ‘मिनी मून’ अर्जुन एस्टेरॉयड समूह का हिस्सा है. इस समूह का नाम महाकाव्य महाभारत के एक केंद्रीय पात्र अर्जुन के सम्मान में रखा गया था, जो अपने तीरंदाजी कौशल और बहादुरी के लिए जाने जाते थे. अर्जुन के तेज तीरों की तरह, यह नाम सौर मंडल के माध्यम से क्षुद्रग्रह की तेज गति और इसकी प्रकृति दोनों को दर्शाता है.

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यह एस्टेरॉयड पृथ्वी के चंद्रमा से 350,000 गुना छोटा है. इसका व्यास 10 मीटर है. नासा के दो वैज्ञानिकों कार्लोस डे ला फुएंते मार्कोस और राउल डे ला फुएंते मार्कोस ने बताया, ‘यह NEO घोड़े की नाल के आकार के पथ को फॉलो करते हैं. ये हमारे ग्रह के नजदीकी रेंज में आने के बाद मिनी-मून घटनाओं से गुजरते हैं. यानी कि ये ग्रह धरती के गुरुत्वाकर्षण से आकर्षित होते हैं और ये घंटों, दिनों या महीनों तक पृथ्वी के चारों ओर एक चक्कर पूरा करते हैं.’

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2055 में इसके फिर गुजरेगा
मार्कोस ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब पृथ्वी के चारों ओर मिनी मून दिखाई दिए हैं. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा 1997, 2013 और 2018 में भी हुआ था. 25 नवंबर को, क्षुद्रग्रह ‘2024 PT5’ पृथ्वी से अलग हो जाएगा. 2055 में इसके फिर से पृथ्वी के पास से गुज़रने की उम्मीद है.

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