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भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज की ओर से शुभकामना

 

बीरगंज (नेपाल), 26 जनवरी, 2025 ।

भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज की ओर से, मैं भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर नेपाल में भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। महावाणिज्य दूतावास ने विभिन्न स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर पिछले वर्ष में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए हैं।  नेपाल-भारत सांस्कृतिक उत्सव, नेपाल-भारत मैत्री क्रिकेट मैच, एक शाम लता मंगेशकर के नाम, ओडिसी एवं कत्थक नृत्य प्रदर्शन, जनजातीय सांस्कृतिक उत्सव, भारत नेपाल पर्यटन विकास सेमिनार, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आदि सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए। महावाणिज्य दूतावास ने महत्वपूर्ण अवसरों जैसे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, विश्व साइकिल दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस, विश्व रक्तदाता दिवस, आयुर्वेद दिवस, विश्व हिंदी दिवस, आदि को मनाने के लिए भी उपयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें अच्छी संख्या में लोग शामिल हुए। भारत का महावाणिज्य दूतावास उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता है जिन्होंने इन कार्यक्रमों में भाग लिया और सफल बनाया। महावाणिज्य दूतावास ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानीय संगठनों, गैर सरकारी संगठनों, स्कूलों, संस्थानों आदि के साथ मिलकर कई वृक्षारोपण अभियान चलाए । 

 

  1. भारत सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, भौतिक अवसंरचना के विकास, छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने के अलावा नदी तटबंधों, एकीकृत जांच चौकियों, रेलवे संपर्क के निर्माण के क्षेत्र में नेपाल के लोगों को सहयोग और सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

  1. महावाणिज्य दूतावास दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को विकसित करने और उसे सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ काम करता है। द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच नियमित रूप से उच्च स्तरीय आदान-प्रदान होते रहे हैं। इन मुलाकातों के दौरान दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों की पुष्टि की, जो ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सभ्यतागत और लोगों के बीच संबंधों में गहराई से निहित हैं। हाल के वर्षों में द्विपक्षीय सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, विशेष रूप से कनेक्टिविटी के विभिन्न क्षेत्रों में – भौतिक, डिजिटल, ऊर्जा के साथ-साथ लोगों से लोगों के बीच, जो सड़कों, पुलों, एकीकृत चेक पोस्टों, सीमा पार रेलवे के साथ-साथ पेट्रोलियम पाइपलाइनों से संबंधित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निरंतर कार्यान्वयन में प्रकट होती है।
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  1. जनवरी 2024 में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की नेपाल यात्रा के दौरान भारत और नेपाल के बीच दीर्घकालिक बिजली व्यापार के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए । इस समझौते के तहत, 10 वर्षों की समय-सीमा के भीतर नेपाल से भारत को बिजली के निर्यात की मात्रा को 10,000 मेगावाट तक बढ़ाने का प्रयास करने और इस दिशा में नेपाल के जल विद्युत उत्पादन क्षेत्र और पारेषण बुनियादी ढांचे में पारस्परिक रूप से लाभकारी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने पर सहमति हुई थी । 

 

  1. पिछले दिनों में, दोनों देशों के बीच ऊर्जा संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनमें तीन नई 132kV  क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसमिशन लाइनों का उद्घाटन, नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग के लिए NEA और NTPC के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, मोतीहारी-अमलेखगंज पाइपलाइन के द्वितीय चरण की आधारशिला रखना आदि शामिल है।  पिछले दो-तीन वर्षों में नेपाल द्वारा भारत को किए जाने वाले जलविद्युत निर्यात में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे नेपाल के लिए राजस्व का एक अतिरिक्त स्रोत बना है।  नेपाल अब भारत को लगभग 1000 मेगावाट बिजली निर्यात करता है। पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में नेपाल, भारत को बिजली का शुद्ध निर्यातक बन गया, तथा नेपाल द्वारा भारत को बिजली का निर्यात, आयात की तुलना में लगभग 134 मिलियन रुपए अधिक रहा। नेपाल, भारत और बांग्लादेश के बीच हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय विद्युत-व्यापार समझौता भी 15 नवंबर 2024 को लागू हो गया, जिसके तहत नेपाल ने पहली बार भारतीय ग्रिड के माध्यम से बांग्लादेश को 40 मेगावाट बिजली का निर्यात किया ।
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  1. भारत ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध के बावजूद नेपाल को हाल ही में 2,00,000 टन गेहूं निर्यात करने पर सहमति जताई है। भारत सरकार ने हाल ही में नेपाल सरकार को 38 करोड़ से ज़्यादा की लागत के दस प्रीफैब्रिकेटेड स्टील पुल मुहैया कराए हैं, ताकि पिछले मानसून में बाढ़ और भूस्खलन के कारण बाधित सड़क संपर्क को बहाल करने के नेपाल के पुनर्निर्माण प्रयासों में मदद मिल सके। इसके अलावा, भारत ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए 25 टन से ज़्यादा मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई गयी थी।
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  1. भारत और नेपाल के संबंध विश्व में अद्वितीय है। भारत और नेपाल की साझा सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक परंपराएं हैं।  दोनों देशों के बीच प्राचीन काल से ही गहरे मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। हमारी साझा परंपराओं ने दोनों देशों के लोगों को मजबूती से जोड़ा है।

 

  1. भारत-नेपाल संयुक्त सैन्य अभ्यास, “सूर्य किरण” का 18वां संस्करण हाल ही में नेपाल के सलझंडी में संपन्न हुआ। इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने आतंकवाद-रोधी युद्ध अभ्यास का प्रदर्शन किया, और अंतर-संचालन क्षमता तथा आपसी समझ को बढ़ाया।

 

  1. वाणिज्य दूतावास नेपाल और भारत के सीमावर्ती जिलों के बीच सामयिक हितों के मुद्दों पर समन्वय समिति की बैठकों के आयोजन में सहयोग करने के अतिरिक्त सीमा पार वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए भी निजी और मालवाहक वाहनों को परमिट जारी करता है।

 

  1. वाणिज्य दूतावास, भारत और नेपाल के बीच वाणिज्यिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के साथ-साथ पर्यटकों तथा निवेश का भी सबसे बड़ा स्रोत है। भारत अपनी “पड़ोसी पहले” नीति के तहत नेपाल के साथ अपने संबंधों को अत्यधिक महत्व देता है और विभिन्न पहलों के माध्यम से नेपाल की सहायता करना जारी रखेगा। वाणिज्य दूतावास दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए सदैव मिलकर काम करने के लिए तत्पर है।

जय हिंद!

बीरगंज (नेपाल)

26 जनवरी, 2025

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