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हिंदी साहित्यकार मनीषा खटाटे का सहभाग और सम्मान

 

नासिक – गुजरात राज्य के अहमदाबाद में १० वां अंतरराष्ट्रीय लिटरेचर और सिनेमा फेस्टिवल का भव्य-दिव्य आयोजन ११,१२ अक्टूंबर को किया गया।साहित्य और सिनेमा के परस्पर संबंध और अवधारणाओं की प्रासंगिकताओं को केंद्र में रखकर यह आयोजन किया गया था।फेस्टिवल के संस्थापक निदेशक उमाशंकर यादव ने इस फेस्टिवल के आयोजन की सार्थकता के संदर्भ में कहा कि साहित्य और सिनेमा के दर्पण में मानवता के मूल्यों को समझ सकते है।इस आयोजन में उमाशंकर यादव निर्मित ‘सीरीन फिल्म्स’ द्वारा निर्मित “ड्राॅपआऊट” फिल्म का ट्रेलर भी रिलिज किया गया।साहित्य और सिनेमा के अनेक परिचर्चा सत्रों का भी आयोजन किया गया।
फेस्टिवल के उद्धाटन सत्र में फेस्टिवल कि उद्धाटन सत्र में मनोज अग्रवाल (सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग), डॉ. राजेश चंदवानी (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता एवं आईआईएम अहमदाबाद के प्रोफेसर), श्री विजन रावल (संस्थापक, साहित्य मंच, विजन इन्कॉर्प, मीडिया हाइव्स एवं एआई विशेषज्ञ) और फेस्टिवल के संस्थापक श्री उमाशंकर यादव (फिल्म निर्माता, लेखक और उद्यमी),रघुवीर चौधरी,जेडी मजेठियां,पिया बेनेगल आदी उपस्थित थे।
कवि संमेलन के सत्र में संदौली टाईम्स के संपादक प्रदीप सारंग की अध्यक्षता में कवि संमेलन का आयोजन किया गया।सुप्रसिद्ध कवि सारंग जी ने “मातृत्व के मूल्य” का अपनी कविताओं द्वारा वर्णन करके माता-पिता के प्रति संवेदना जगायी।सिनेमा की निर्माण प्रक्रिया की परिचर्चा में बाॅलिवूड के प्रसिद्ध गीतकार डाॅ.सागर अपनी सहभागिता दर्ज की।
“नारी की निर्भिक कलम” इस परिचर्चा में दान्वी माली की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्यकार मनीषा खटाटे,नारीवादी लेखिका शोभा अक्षर और लेखिका कुमुद वर्मा ने सहभाग लिया।मनीषा खटाटे ने नारीवाद को परिभाषित करते हुए नारी की ऐतिहासिकता पर भी प्रकाश डाला।नारी के पारिवारिक तथा सामाजिक मूल्य और अपने स्वत्व तथा अपनी अस्मिता,स्वतंत्रता को स्थापित करने की जिम्मेवारी अपने कंधों पर लेकर नारी अपना अस्तित्व बनाती है।नारी को अपने सृजनात्मक मूल्यों के आयाम में अपनी स्वतंत्रता तथा मूक्ति की राह चूननी चाहिए यह संदेश इस फेस्टिवल के माध्यम से दिया।
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए संस्थापक निदेशक उमाशंकर यादव,प्रदीप सारंग और निरिक्षा कंसारा ने विशेष प्रयास किया।

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