सरकार ११ राजदूतों को वापस बुलाने की कर रही है तैयारी
काठमांडू, आश्विन ३० – सरकार राजनीतिक नियुक्ति के आधार में राजदूत बनने वाले १६ लोगों में से ११ को वापस बुलाने की तैयारी कर रही है । मंत्रिपरिषद की बैठक द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि विभिन्न ११ देशों के नेपाली राजदूतों को वापस बुलाया जाए ।
इससे पहले के केपी शर्मा ओली नेतृत्व की सरकार के समय में राजनीतिक नियुक्ति के आधार में राजदूत बने १६ लोगों में से ११ को वापस बुलाने की तैयारी चल रही है । राजनीतिक नियुक्ति के ही आधार में राजदूत बने पाँच लोगों के नाम पर चर्चा चल रही है कि इन्हें वापस बुलाया जाए या नहीं है ।
इसके अलावे “करियर डिप्लोमैट को वापस नहीं बुलाया जाएगा । अन्य ११ राजदूतों को जितनी जल्दी हो सके वापस बुलाया जाएगा ।
सरकार द्वारा वापस बुलाए जाने वाले राजदूतों में चीन के लिए कृष्णप्रसाद ओली, जर्मनी के लिए शाहिल रुपाखेती, भारत के लिए डा. शंकर प्रसाद शर्मा, इजरायल के लिए धनप्रसाद पन्डित, मलेशिया के लिए नेत्रप्रसाद तिम्सिना, कतार के लिए रमेशचन्द्र पौडेल, रुस के लिए जंगबहादुर चौहान, साउदी अरब के लिए डा. नरेशविक्रम ढकाल, बिट्रेन के लिए चन्द्रकुमार घिमिरे, अमेरिका के लिए लोकदर्शन रेग्मी और स्पेन के लिए शनिल नेपाल हैं ।
राजनीतिक नियुक्ति से राजदूत बने आस्ट्रेलिया के लिए चित्रलेखा यादव, डेनमार्क के लिए सुम्निमा तुलाधर, दक्षिण कोरिया के लिए शीवमाया तुम्बाहाङ्फे, दक्षिण अफ्रिका के लिए कपिलमान श्रेष्ठ और श्रीलंका के लिए पूर्णबहादुर नेपाली को अभी तत्काल नहीं बुलाया जाएगा ।
करियर राजदूतों में बहराइन के लिए तीर्थराज वाग्ले, बंगलादेश के लिए घनश्याम भण्डारी, वेल्जियम के लिए सेवा लम्साल, ब्राजिल के लिए निर्मलराज काफ्ले, कनाडा के लिए भरतराज पौड्याल, मिस्र के लिए सुशिल लम्साल, फ्रांस के लिए सुधिर भट्टराई, जापान के लिए दुर्गाबहादुर सुवेदी, कुवेत के लिए घनश्याम लम्साल, म्यांमार के लिए हरिषचन्द्र घिमिरे, ओमान के लिए डोरनाथ अर्याल, पाकिस्तान के लिए रिता धिताल, पुर्तगाल के लिए प्रकाशमणि पौडेल, थाईलैंड के लिए धनबहादुर वली, संयुक्त अरब अमीरात के लिए तेजबहादुर क्षेत्री, राष्ट्रसंघ के लिए अमेरिका के न्यूयोर्क स्थित स्थायी नियोग के लिए लोकबहादुर थापा, जिनेवा स्थित स्थायी नियोग के लिए रामप्रसाद सुवेदी और ऑष्ट्रिया स्थित नेपाली स्थायी नियोग के लिए भरत कुमार रेग्मी को वापस नहीं बुलाया जाएगा ।


