सपना प्रधान मल्ल कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश नियुक्त
काठमांडू, चैत्र १७ – सर्वोच्च अदालत की वरिष्ठतम न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल को आज (मंगलवार) से कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश के रूप में न्यायापालिका का नेतृत्व संभालने की जिम्मेदारी दी गई है । प्रधान न्यायाधीश प्रकाशमानसिंह राउत ६५ वर्ष की उम्र में अवकाश प्राप्त हुए है । उनके अवकाश के बाद ही मल्ल ने वरिष्ठता के आधार पर स्वतः सर्वोच्च अदालत की नेतृत्व संभालना है ।
राउत २०८१ आश्विन २० गते प्रधान न्यायाधीश नियुक्त हुए थे । उससे आठ वर्ष पहले वो सर्वोच्च अदालत में न्यायाधीश नियुक्त हुए थे ।
वरिष्ठतम न्यायाधीश मल्ल के कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किए जाने से नेपाल की न्यायपालिका में ऐतिहासिक निरंतरता का संचार हुआ है । वे नेपाल की दूसरी महिला प्रधान न्यायाधीश बनने की राह में है । इससे पहले सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश बनी थी ।
संविधान की धारा २८४ (३) अनुसार प्रधान न्यायाधीश के अवकाश से कम से कम एक महीना पहले ही संवैधानिक परिषद द्वारा नए प्रधान न्यायाधीश का नाम राष्ट्रपति के समक्ष सिफारिश करने की व्यवस्था है । लेकिन पूर्व प्रधानमन्त्री कार्की द्वारा परिषद् की नहीं बुला पाने के कारण उक्त संवैधानिक प्रावधान अनुसार सिफारिश ही नहीं हुई । अब प्रधानमंत्री तथा संवैधानिक परिषद् के अध्यक्ष बालेन्द्र साह ने परिषद् की बैठक बुलाई और नए प्रधान न्यायाधीश सिफारिश किए जाने तक सर्वोच्च अदालत अंतरिम नेतृत्व में कार्य करता रहेगा ।
कौन है कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश मल्ल ?
सपना प्रधान मल्ल नेपाल की सर्वोच्च अदालत की वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं । न्यायाधीश बनने से पहले वो विशेष कर महिला अधिकार, लैंगिक न्याय और मानव अधिकार के क्षेत्र में सक्रिय कानून व्यवसायी के रूप में जानी जाती है । सर्वोच्च अदालत में नियुक्त होने से पहले जो लैंगिक हिंसा, समानता और सामाजिक न्याय के मुद्दें में लम्बे समय तक वकालत की थी । यदि मल्ल सर्वोच्च अदालत की प्रधान न्यायाधीश बनती हैं तो २०८५ कात्तिक ३० गते तक वो सेवा में रहेंगी । मल्ल २०७३ सावन १७ गते सर्वोच्च अदालत की न्यायाधीश नियुक्त हुई थी ।

