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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तीन दिवसीय दौरे पर चीन की राजधानी बीजिंग  पहुंचे

 

31 वैशाख, काठमांडू ।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तीन दिवसीय दौरे पर चीन की राजधानी बीजिंग  पहुंचे हैं। चीनी राष्ट्रपति सी जिनफिङ के निमंत्रण पर वे बुधवार शाम बीजिंग पहुंचे।

ट्रम्प का स्वागत बीजिंग अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का यह लगभग नौ वर्षों बाद पहला चीन दौरा है, जबकि नवंबर 2017 के बाद यह उनका दूसरा चीन दौरा माना जा रहा है।

चीन प्रवास के दौरान ट्रम्प अपने समकक्ष शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

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चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों तथा विश्व शांति और विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श होगा। दो महाशक्ति देशों के नेताओं के बीच होने वाली इस मुलाकात को दुनिया भर में काफी महत्व के साथ देखा जा रहा है।

वार्ता में व्यापार, ताइवान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा ईरान से जुड़े युद्ध प्रमुख एजेंडा रहने की संभावना है।

मंगलवार को ट्रम्प ने कहा था कि वे शी चिनफिंग के साथ ईरान के मुद्दे पर “लंबी चर्चा” करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरे का मुख्य केंद्र व्यापार ही रहेगा।

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करीब एक दशक बाद ट्रम्प के चीन दौरे को अपने आप में विशेष माना जा रहा है। साथ ही, शी चिनफिंग के साथ उनकी यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताएं लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है।

ट्रम्प–शी शिखर वार्ता इस वर्ष की शुरुआत में होने की उम्मीद थी, लेकिन ईरान युद्ध के कारण इसमें देरी हुई।

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नीदरलैंड्स के लाइडेन विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय के सह-प्राध्यापक एवं कार्यक्रम प्रमुख साल्वाडोर सांतिनो रेगिल्मे ने कहा, “व्यापार ट्रम्प के लिए विशेष राजनीतिक प्रभाव वाला विषय है, क्योंकि यह प्रतिस्पर्धा को मतदाताओं के लिए आसानी से समझ आने वाली भाषा में प्रस्तुत करता है। लेकिन वास्तविक गहरा संघर्ष शक्ति संरचना, वैधता और विश्व व्यवस्था के भविष्य के स्वरूप से जुड़ा हुआ है।”

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