Tue. Sep 15th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

वर्षा और समृद्धि के देवता रातो मच्छिन्द्रनाथ का रथ जावलाखेल पहुँचा, 6 असार को होगा भोटो दर्शन

 

काठमांडू।

वर्षा और समृद्धि के देवता रातो मच्छिन्द्रनाथ के रथ को लगनखेल के ठटी टोल से खींचकर बुधवार को जावलाखेल पहुँचाया गया।

वैशाख शुक्ल प्रतिपदा से शुरू हुई रथयात्रा के दौरान रथ लगनखेल के ठटी टोल में रुका हुआ था। शुभ मुहूर्त के अनुसार इसे आगे बढ़ाकर जावलाखेल लाया गया।

परंपरा के अनुसार रथ के जावलाखेल पहुँचने के चार दिन बाद राष्ट्र प्रमुख की उपस्थिति में भोटो जात्रा (भोटो दर्शन) आयोजित की जाती है। इसी क्रम में इस वर्ष असार 6 (शनिवार) को भोटो दिखाने का कार्यक्रम तय किया गया है।

यह भी पढें   गुठी संस्थान ने तालाबों से कब्ज़ा हटाने के लिए और 15 दिन किया तय सीमा

रातो मच्छिन्द्रनाथ की यह ऐतिहासिक रथयात्रा पुल्चोक से प्रारंभ होती है और गाःबाहल, मंगलबजार, सुन्धारा, लगनखेल तथा इटिटोल होते हुए जावलाखेल पहुँचती है। यहीं पर भोटो दर्शन का विशेष आयोजन किया जाता है।

भोटो दर्शन के बाद मच्छिन्द्रनाथ की प्रतिमा को एक छोटे खट (पालकी) में स्थापित कर बुंगमती ले जाया जाता है, जिसके साथ इस वर्ष की जात्रा (यात्रा) का समापन हो जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नेपाल में लगातार 12 वर्षों तक पड़े भीषण अकाल और सूखे को समाप्त करने के लिए तत्कालीन राजा नरेन्द्र देव ने इस जात्रा की शुरुआत कराई थी। तब से यह पर्व नेपाल की सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं में से एक माना जाता है।

https://images.openai.com/static-rsc-4/vqkTN3fJ2v68e-uf84YMicUGcMQxehtPcZJEJ3skx2QzBamOTmFMLGCpGZplLETSTvXEoyIVo97r1oVc7j4nVqi1nw3NaOcvJzx2n3_u6-MUu76ZctDhpLG2vXCoWVmMbSafGtUfOnPoZ1VrySCeI3-Dp_2LYGtSJJ_SuSj8ruE0sH5zrKu9mcInWwjER8zm?purpose=fullsize
https://images.openai.com/static-rsc-4/9lkIwvqXvjpOMOb-NZ4FvrSRo9lZbl98w7XqkNw71dtupt6KkRCaBAzMZ56HsN1ld3BMlgz02dimPaECtVDETTuX12mWssxueoE9jfdisTCx0GypbAAJ3KqwE_gN_vgSA-XAGRVgP8lI98Rr5BSlgDyO9Uj8M7GcyfnJQqRD08q5FWyQxTkZ6o9MlrQx5F3A?purpose=fullsize
https://images.openai.com/static-rsc-4/CSHQeWOXdwYW-F9ZoFDgD5AtvXRSaDbTaQU1hKK-bs7ac4lEEMNubL1AX5xHKgKwBJ6N-An7o7SZBhpmxt3MQPQlxj9Bk2ZzYdZC4gxatoE-H0TjPQGjZVodIUhmjBDu_RvXczBA3e4RJhU89Sb_PbhFDTLmICZ6-dGrl0l2AvWHtmrTEpA54ZGJtzGm_BkH?purpose=fullsize

रातो मच्छिन्द्रनाथ की रथयात्रा नेपाल की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु और पर्यटक हर वर्ष भाग लेते हैं।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com