यह सब साम्राज्यवादी पश्चिमी ताकतों से उधार ली गयी एकल जातीय राष्ट्रवादी सोच और सिद्धान्त का दुष्प्रभाव है : सरिता गिरी

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, ३१ मार्च ।
हरेक नेपाली हृदय और संस्कार से मधेशी है । उसकी जडें मधेश की संस्कृति और दर्शन में है।
इस सत्य को इंकार करने के लिए मधेशियो के साथ दूसरों के जैसा व्यवहार किया जाता है और इस तथ्य को स्थापित करने के लिए मधेशियों को खुन बहाना पडता है ।
यह सब साम्राज्यवादी पश्चिमी ताकतों से उधार ली गयी एकल जातीय राष्ट्रवादी सोच और सिद्धान्त का दुष्प्रभाव है ।
यह सब उपर से क्रूर लेकिन अंदर से खोखले पावर गेम का हिस्सा है ।

