राप्ती सोनारी बासी का आरोपः गलत वीज वितरण हो रहा है
नेपालगन्ज/(बांके) पवन जायसवाल
बांके जिला (राप्ती पार) स्थित राप्ती सोनारी के स्थानीय किसानों का आरोप है कि जिला कृषि कार्यालय और सहकारी संस्था ने गुणस्तरहीन धान और मकई की वीज वितरण किया है । एक कार्यक्रम में बीच स्थानीय बासियों ने कहा कि अनुदान के नाम में वितरित बीज के कारण किसान को घाटा हो गया है । अषाढ २१ गते रेडियो कृष्णसार एफ.एम. की नियमित कार्यक्रम में बोलते हुए स्थानीयबासी ने उक्त बात कहा है ।
राप्ती सोनारी– २ कंचनपुर के युवा कृषक सुकलाल बोहरा ने प्रश्न किया– ‘अनुदान में धान की वीज आया लेकिन आधा धान ‘जामा’ है लेकिन और भूस मिला हुआ है । इसतरह किसानों के साथ क्यों धोखाधडी हो रही है ?’ बोहरा ने यह भी कहा कि एक किलो लगाकर क्वीन्टल पैदा करने की आश्वासन देकर उक्त बीज बितरण किया गया था । उनके अनुसार खाद्यन्न तथा तरकारी उत्पादन कृषि सहकारी संस्था कचानापुर ने ५० प्रतिशत छूट में धान की वीज वितरण किया था ।

बहस कार्यक्रम में सहभागी महालक्ष्मी महिला कृषि सहकारी संस्था की अध्यक्ष तथा कुसुम की कृषक दीपा आचार्य खत्री ने कहा कि गावंपालिका से ही वितरित वीज में भी समस्या आयी है । उन्हों ने कहा– ‘कृषि शाखा से अनुदान के रुप में मकई बीज लेकर गई थी, अभी तो कीड़ा लागकर विक्री ही नहीं हो रहा है । जो खरीद कर ले गए, वो जामा ही नहीं ।’ उन्होंने यह भी कहा कि समस्या के बारे में शाखा में ओमप्रकाश शर्मा को ५ बार जानकारी भी कराया, लेकिन प्राविधिकों ने कहा कि अब नहीं होगा ।
पश्चिम सरोकार रेडियो कार्यक्रम में जवाफदेही कृषको की तरफ से सहभागी आस्माली पुन ने कहा कि अब कृषकों को इकठ्ठा होकर आगे जाना चाहिए । जिला सहकारी संघ बांके के अध्यक्ष प्रेम प्रसाद सुवेदी ने कहा कि सहकारी में आवद्ध तथा अन्य किसानों को डरने की जरुरत नहीं है । उनका कहना है भय से बाहर निकल कर सूचना को बाहर लाना है । गांवपालिका के अध्यक्ष लाहुराम थारु ने कहा कि गुणस्तरहीन वीज वितरण कररनेवाले कृषि प्राविधिक को कारवाही होना चाहिए । उन्होंने यह भी कहा कि वीज–विजन में जो भी समस्याएं आई है, उसके बारे में गांवपालिका को जानकारी दिया जाए ।

