Thu. Apr 30th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

बारा, पर्सा और रौतहट मिलाकर अलग प्रदेश बनाने की चेतावनी !

 

 

वीरगंज, १२ जनवरी । वीरगंज निवासी उद्योग व्यवसायी तथा राजनीतिक दल के नेताओं ने चेतावनी दिए हैं कि बारा, पर्सा और रौतहट जिला को मिलाकार एक अलग ही प्रदेश भी निर्माण किया जा सकता है । इस तरह की चेतावनी देनेवालों का कहना है कि वीरगंज को प्रदेश नं. २ में निर्मित सरकार ने उपेक्षा की है । शुक्रबार वीरगंज में आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन लोगों ने ऐसी चेतावनी दी है । कार्यक्रम में गृहमन्त्री रामबहादुर थापा प्रमुख अतिथि के रुप में उपस्थित थे ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए नेपाली कांग्रेस के प्रदेश सांसद् (प्रदेश नं. २) ओमप्रकाश शर्मा ने कहा– ‘पहले काठमांडू के सरकार द्वारा वीरगंज उपेक्षित रहा, आज प्रादेशिक की सारे संरचना को जनकपुर में केन्द्रीत कर वीरगंज के साथ अन्याय किया जा रहा है । अगर वीरगंज के साथ जारी विभेद को अन्त नहीं किया जाएगा तो हम लोग बारा, पर्सा और रौतहट मिलाकार एक अलग ही प्रदेश भी निर्माण कर सकते हैं ।’

यह भी पढें   राष्ट्रीय सभा में नेपाली कांग्रेस की ‘दल की नेता’ बनीं कमला पंत

वीरगंज महानगरपालिका के मेयर विजय सराबगी ने भी कहा है कि वीरगंज के साथ प्रादेशिक और संघीय विभेद होना ठीक नहीं है । मेयर सराबगी ने कहा– ‘वीरगंज आर्थिक राजधानी है । विकास और समृद्धि की सवाल में यहां के व्यापारिक क्षेत्र आज भी उपेक्षित है । इसकी ओर प्रदेश और संघीय सरकार की ध्यान जाना जरुरी है ।’ कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए पर्सा निर्वाचन क्षेत्र नं. १ से निर्वाचित संघीय सांसद् प्रदीप यादव ने भी कहा कि जब तक वीरगंज समृद्ध नहीं हो सकता, तब तक नेपाल समृद्ध नहीं बन सकता । उनका मानना है कि वीरगंज की विकास के लिए संघीय सरकार की ओर से ही विशेष प्याकेज लाना जरुरी है ।

यह भी पढें   ओली के विरुद्ध दिए गए बयान गलत, भविष्य में इस तरह की अभिव्यक्ति नहीं देने का एमाले का निर्देश

 

कार्यक्रम में नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के पोलिटव्युरो सदस्य नागेन्द्र चौधरी ने कहा कि ४० प्रतिशत राजश्व वीरगंज ही देता है, इसीलिए वीरगंज का विकास उसका अधिकार है । वक्ताओं की शिकायत सुनने के बाद गृहमन्त्री रामबहादुर थापा ने कहा कि राष्ट्रीय अर्थतन्त्र में वीरगंज ने जो योगदान दिया है, उसका कदर होना चाहिए । उनका मानना है कि वीरगंज के साथ जो विभेद हो रहा है, उसके लिए वर्तमान सरकार जिम्मेदार नहीं है, विगत की एकात्मक शासन प्रणाली उसके लिए जिम्मेदार है ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *