हिमस्खलन में भारतीय सेना के ६ जवान फसे
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में तिब्बत सीमा पर शिपकिला के पास बुधवार सुबह आए एवलांच (हिमस्खलन) में सेना के 6 जवान फंस गए थे। इसमें से 5 के शहीद होने की आशंका जताई जा रही है। किन्नौर के डिप्टी कमीश्नर गोपाल चंद ने के मुताबिक, एक जवान का शव बरामद कर लिया गया, जबकि पांच अब भी लापता हैं। मृतक जवान की पहचान रमेश कुमार (41) के तौर पर हुई। वह हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर जिले के घुमरपुर गांव का रहने वाला था। किन्नौर पुलिस अधीक्षक (एसपी) साक्षी वर्मा ने कहा, पीड़ित सभी जवान 7 जम्मू-कश्मीर राइफल्स यूनिट के थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि राहत और पुनर्वास कार्य में जुटे आईटीबीपी और पुलिस बल को सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है। डिप्टी कमीश्नर इस मामले को खुद देख रहे हैं। भूस्खलन की घटना दोपहर करीब 11 बजे शिपकला इलाके में हुई, जिसमें कई सैन्यकर्मी दब गए। इस हादसे में एक सैन्यकर्मी की मौत हो गई। वहीं आईटीबीपी को घटना के बाद 5 अन्य सैन्यकर्मियों के बर्फ में दबे होने का पता चला। इसके बाद पुलिस और आईटीबीपी की टीमों ने यहां बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, जो सैन्यकर्मी इस हादसे का शिकार हुए हैं वह सभी यहां नामज्ञा से शिपकला जाने के लिए बुधवार सुबह रवाना हुए थे। इसी दौरान डोगरी नाला के पास पहाड़ी इलाके में हिमस्खलन की घटना हो गई, जिसके कारण इस दल में शमिल 6 लोग बर्फ की चपेट में आ गए। गौरतलब है कि इससे पहले साल 2017 और 2018 में जम्मू-कश्मीर के कई पर्वतीय इलाकों में भी हिमस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई सैन्यकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं।
बताया गया है कि बुधवार सुबह सेना के 16 जवान नमज्ञा से शिपकिला के पास पानी की पाइपलाइन को ठीक करने के लिए निकले थे। 11 बजे के आसपास बर्फीला तूफान आ गया और इसमें 6 जवान फंस गए थे। अंधेरा और ठंड ज्यादा होने के कारण आईटीबीपी और पुलिस को रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है।

