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21वीं सदी महिला समानता के लिए होनी चाहिए, पर आज भी हाे रहा है अत्याचार

 

न्यूयॉर्क, आइएएनएस।

 

विश्वभर में 21वीं सदी में भी महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ सुंयक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने निंदा व्यक्त की है। इसके साथ ही कहा कि 21वीं सदी महिला समानता के लिए होनी चाहिए। इएफइ न्यूज (Efe news) न्यूज ने एंटोनियों गुटेरेस के बयान को न्यूज एजेंसी आइएएनएनस को बताते हुए कहा कि सभी जगह महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है क्योंकि वह महिला है। न्यूयॉर्क में दा न्यू स्कूल (The New School) में छात्रों को संबोधित करते हुए यूएन महासचिव ने यह बयान जारी किया है।

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इस दौरान एंटोनियो गुटेरेस ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह से पिछली शताब्दियों में गुलामी और उपनिवेशवाद एक धब्बा था ठीक उसकी तरह 21सदी में महिला असामनता होने पर हमको शर्म आनी चाहिए क्योंकि यह केवल ना अस्वीकार्य है बल्कि यह मूर्खतापूर्ण काम है। साथ ही कहा कि जेंडर समानता एक बेहतर विश्व के बनानी की शर्त है। जिसे कुछ लोगों ने अपना कार्यभार संभालने के बाद यह मुद्दा उठाया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ कुछ स्थानों पर दुष्कर्म और घरेलू हिंसा बदस्तुर जारी है। साथ ही कहा कि 34 देशों में विवाह के बाद भी महिलाओं के साथ दुष्कर्म असंवैधानिक है। आगे कहा कि महिलाओं के यौन और प्रजनन अधिकारों को विभिन्न पक्षों से खतरा है और यह भेदभाव सभी महिलाओं को प्रभावित कर रहा है। इसमें नेता और लोकप्रिय हस्ती भी शामिल हैं।

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गुटेरेस के अनुसार, “पितृसत्ता” पुरुषों और महिलाओं की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। इसका परिणाम लड़के और लड़कियों को भुगतना पड़ रहा है, जो सभी राज्यों में सुर्खियां बनता है, लेकिन महिलाओं के साथ हो रही हिंसा की मुख्य खबरें पूरे विश्वभर से आती हैं जो एक युद्ध के समान हैं। अपने संबोधन में गुटेरेस ने बताया कि पूरे विश्व में प्रत्येक दिन 137 महिलाओं की मौत उनके ही घर में होती है। वहीं हमारे देश में पुरुष लगातार महिलाओं पर हाथ उठाते हैं, लेकिन कोई भी इसको रोकने का प्रयास नहीं कर रहा है।

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दैनिक जागरण से

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