जनकपुर में प्रधानमन्त्री सहित कई नेताआें का पुतला दहन
कैलास दास,जनकपुर, असार २४ । मधेश अधिकार संघर्ष समिति (मास) ने जनकपुर मे प्रधानमन्त्री सुशिल कोइराला और सभामुख सुभाष नेवाङ्ग सहित के नेताओं का पुतला जलाया है ।
प्रमुख चार दल ने मधेश विरोधी संविधान के मस्यौदा लाया और सभामुख ने उस मस्यौदा को समर्थन किया आरोप लगाते हुए एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली, एमाओवादी अध्यक्ष पुष्पकमल दहाल प्रचण्ड, मधेशी जनअधिकार फोरम लोकतान्त्रिक का अध्यक्ष विजय गच्छेदार का भी पुत्ला जलाया गया है ।
मास के सल्लाहकार संजय ठाकुर के संयोजकत्व में जनकपुर के शिवचौक में उपस्थित होकर चार दल के विरोध में नारा जुलुस लगाते हुए पुतला जलाया गया है । पुतला दहन के क्रम में कुछ समय के लिए सडक भी अवरोध किया गया था ।
पुतला दहन कार्यक्रम में संयोजक ठाकुर ने मधेश के हक अधिकार के लिए मधेशी युवा अब जाग चुका है और यही युवा वर्ग मधेश का अधिकार लेकर रहेगा दावी भी कीया है ।
खस शासकों ने अढाई सय वर्ष से मधेश उपर शोषण करते आ रहे है और लोकतन्त्र आने के वावजूद भी शोषण दमन प्रवृति हावी है । परन्तु मधेशी जनता अब जाग चुकी है । वह अपना अधिकार लेकर रहेगा उन्होने कहा ।
कार्यक्रम में युवा नेता शम्भू निर्दोषि ने सरकार और प्रमुख दल अभी अपनी गलती नही सुधार की तो कडा संघर्ष में जाने का चेतावनी भी दी है । उसी प्रकार अधिकारकर्मी प्रतिभा झा ने संविधान के मस्यौदा खासकर मधेशी महिला के नेपाली नागरिक से वञ्चित करने का साजिस है । अब मधेशी महिला को भी खस शासक ने आन्दोलन करने से बाध्य बना रही आराप लगाई है । मधेशी महिला खाना पकाउने का कार्य मात्र नही अधिकार के लिए आन्दोलन भी करेंगी उन्होने कहा ।
मासका संयोजक सरोज मिश्र, सदस्य जानी खान, नविन साह सहित दर्जनो युवा सहभागी थे ।

