वनडे सिरीज: कौन रहा हिट, कौन गया पिट
भारतीय क्रिकेट टीम के वेस्टइंडीज दौरे के लिए जब एकदिवसीय टीम का ऐलान हुआ तो सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवा खिलाड़ियों को इसलिए मौका दिया गया, क्योंकि चयनकर्ता अपनी बेंच स्ट्रैंथ को आजमाना चाहते थे।
शिखर धवन, एस बद्रीनाथ, मनोज तिवारी, विनय कुमार को टीम में चुना गया ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें। हालांकि मनोज तिवारी को अंतिम वनडे में अंतिम ग्यारह में शामिल किया गया, जिसमें उन्होंने शुरुआत तो ठीक ठाक की, लेकिन वे लंबी पारी नहीं खेल सके। बद्रीनाथ और शिखर धवन आशानुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए, वहीं विनय कुमार भी प्रभाव छोड़ने में नाकामियाब रहे।
रोहित शर्मा और अमित मिश्रा ने अपना खोया हुआ फॉर्म हासिल किया और इन दोनों खिलाड़ियों ने सिरीज भारत के हक में करने में सबसे ज्यादा योगदान दिया। मैन ऑफ द सिरीज रहे रोहित ने पांच मैचों की पांच पारियों में 128.50 की प्रभावी औसत से 257 रन बनाए। वहीं अमित मिश्रा ने पांच मैचों में 18.09 की औसत से 11 विकेट लिए। मुनाफ पटेल ने भी प्रभावी गेंदबाजी करते हुए तीन मैचों में 17.75 की औसत से आठ विकेट लिए।
कप्तान के रूप में सुरेश रैना का प्रदर्शन ठीक रहा, लेकिन बढ़ती जिम्मेदारी ने उनकी बल्लेबाजी को प्रभावित किया। रैना पांच मैचों में 20.50 की औसत से केवल 82 रन ही जुटा सके। वहीं विराट कोहली ने 39.80 की औसत से 199 रन बनाए और एक मैच उन्होंने अपने दम पर जिताया।
पहले तीन मैचों में वेस्टइंडीज टीम को बौना साबित भारतीय टीम ने सिरीज अपने नाम की, लेकिन इसके बाद लगातार दो मैचों में उसे हार का समाना करना पड़ा। युवा खिलाड़ियों के साथ प्रयोग करने से टीम का कॉम्बिनेशन गड़बड़ा गया, जिससे बाद के दोनों मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा।
जिन तीन मैचों में भारत को जीत मिली, उनमें जीत के शिल्पकार रोहित शर्मा, विराट कोहली और अमित मिश्रा रहे। याने युवा खिलाड़ी इन मैचों में भी कुछ खास नहीं कर पाए। शिखर धवन ने एक मैच में अर्धशतक जरूर लगाया। विकेट के पीछे और सलामी बल्लेबाजी की भूमिका में पार्थिव पटेल का प्रदर्शन सराहनीय रहा।


