पासपोर्ट ब्लैक लिस्टेड होने पर सीमा पर ही ध्यान पर बैठा नार्वे का नागरिक
सोनौली सीमा पर विदेशियों पर लगे प्रतिबंध और भारत-नेपाल आव्रजन कार्यालयों में प्रतिबंध के समयांतराल के चलते नार्वे का एक नागरिक शनिवार को सीमा पर फंस गया। अंततः आव्रजन विभाग को उसका पासपोर्ट ब्लैक लिस्टेड करना पड़ा। इस विषम परिस्थिति को देख नार्वे का नागरिक आव्रजन कार्यालय के पास ध्यान मुद्रा में बैठ गया। वह अपने को शिवभक्त बता रहा है। मिकेल चिलाहुईल (40 वर्ष) करीब तीन माह से तमिलनाडु में रह रहा था। शुक्रवार को वह सोनौली सीमा पर पहुंचा और नेपाल जाने का डिपार्चर ले लिया। शनिवार की सुबह वह पुनः सोनौली आव्रजन कार्यालय पर आया और भारत प्रवेश की अनुमति मांगने लगा। लेकिन शुक्रवार की शाम से लागू हुए प्रतिबंध आदेश के कारण उसे अनुमति नहीं मिली। नार्वे निवासी का कहना था कि उसका सभी सामान तमिलनाडु में है। वह नेपाल नहीं जाएगा। जिस पर आव्रजन अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट के ब्लैक लिस्ट करने की प्रकिया शुरू कर दी। आव्रजन अधिकारी ने बताया कि अगर नार्वे निवासी शुक्रवार को ही वापस आया होता तो उसका डिपार्चर कैंसिल हो जाता। लेकिन वह एक दिन बाद आया है और उसने नेपाल से डिपार्चर भी ले लिया है। ऐसे में उसके पासपोर्ट को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।


