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इटली में सोमवार को कातिल कोरोना वायरस (Corona virus) से 349 लोगों की मौत

 

रोम।

 

इटली में सोमवार को कातिल कोरोना वायरस (Corona virus) से 349 लोगों की मौत हो गई। इससे देश में इस वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,158 हो गई। यह जानकारी आधिकारिक आंकड़े में सामने आई है। चीन के बाद कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर इटली में देखने को मिला है। चीन ने इटली को मदद भेजते हुए शंघाई से डॉक्टरों की टीम और 30 टन मास्क भेजे हैं।
इटली में संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 27,980 हो गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 से मरने वालों की संख्या गुरुवार को दर्ज हुए मृतकों की संख्या के दोगुने से अधिक हो गई है। पिछले 2 दिनों में देश में 700 से अधिक मौतें सामने आई हैं। इटली के लोम्बार्डी क्षेत्र में 1,420 मौतें हुई हैं। यह इटली में अब तक हुई कुल मौतों का 66 प्रतिशत है।

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चीन ने भेजी मदद : कोरोना वायरस से चीन में मरने वालों का आंकड़ा 3213 पर पहुंच गया है। कोरोना ने इटली में भी कोहराम मचाया है। यही कारण है कि चीन ने शंघाई से एक विमान भेजा है, जिसमें बड़ी संख्या में डॉक्टरों की टीम है। चूंकि इटली में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए मास्क की कमी हो गई है, लिहाजा चीन ने यहां पर 30 टन मास्क भेजे हैं। चीन के अलावा क्यूबा और वेनेजुएला की मेडिकल टीमें भी इटली पहुंच गई हैं।

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इटली के लोगों की जिंदादिली : इटली में कोरोना वायरस की वजह से अब तक 1 हजार 420 लोगों की मौत हो चुकी है और 1672 लोग गंभीर रूप से जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इसके बाद भी इटलीवासियों की जिंदादिली में कोई कमी नहीं आई है। यहां के लोगों को पता है कि उनके पास कोरोना से लड़ने के पर्याप्त साधन और उपकरण नहीं हैं। मेडिकल सुविधाएं भी सीमित हैं लेकिन इसके बाद भी उनके जज्बे में कोई कमी नहीं आई है।

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मिलान शहर की ताजा तस्वीर : इटली के मिलान शहर में लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया है। यहां तक कि रविवार को चर्च में प्रार्थना सभा नहीं हुईं, लेकिन पादरी अकेले पैदल गए और वहां मोमबत्ती जलाकर लोगों के स्वस्थ होने की कामना की। लोगों ने अपने घरों के बाहर देश के झंडे लगाए हैं। कई युवक-युवतियां तो अपने घरों की बालकनी में बैठकर वायलिन बजाते हुए, ‘जिंदगी जिंदादिली का नाम है’, इसका सबूत देते नजरआए। वायलिन पर बज रही धुनों का मतलब साफ था कि हम लड़ेंगे, हार नहीं मानेंगे..

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