नेपालगंज सीमा क्षेत्र में बन गया अस्थायी क्वारेन्टाइन
नेपालगञ्ज (बाँके) नेपाल भारत सीमा नाका रुपईडिहा में कई दिनों से १ सौ ८१ नेपाली नागरिक फसे है, उन लोगों को दृष्टिगत कर यहां स्थित दश गजा क्षेत्र में ही अस्थायी क्वारेन्टाइन निर्माण किया गया है और उन लोगों को यही रखा गया है । बाँके जिला प्रशासन कार्यालय के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी दिर्घराज उपाध्याय ने दी जानकारी के अनुसार यहां बाँके, बर्दिया, दाङ, सल्यान, जुम्ला, सुर्खेत, डोल्पा, अछाम, प्युठान, रोल्पा, रुकुम, सप्तरी, उदयपुर, स्याङ्जा, दैलेख, झापा, रुपन्देही, नवलपरासी, मुगु और अर्घाखाँची जिला के स्थायी निवासी नागरिक हैं ।
क्वारेन्टाइन निर्माण के लिए नेपाली सेना ने टेन्ट उपलब्ध कराया और नेपालगञ्ज उपमहानगरपालिका की सक्रियता में सेना–पुलिस मिलकर क्वारेन्टाइन निर्माण किया । सहायक प्रमुख जिला अधिकारी उपाध्याय के अनुसार हाल क्वारेन्टाईन में बाँके जिला के २७, बर्दिया के १४, दाङ के ३१, सल्यान के ९, जुम्ला के १५, सुर्खेत के ७, डोल्पा के ३, अछाम के ५, प्युठान के २, रोल्पा के १३, रुकुम के १०, सप्तरी के १, उदयपुर के १, स्याङ्जा के २, दैलेख के १०, झापा के ५, रुपन्देही के १, नवलपरासी के २, मुगु के २ और अर्घाखाँची के १ व्यक्ति हैं । वो लोग गत सोमवार रात को नेपालगञ्ज नाका तक आए गए थे । क्वारेन्टाइन में रहनेवाले सभी व्यक्ति भारत के बिभिन्न शहर में मजदूरी के लिए गए थे ।

