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हिजबुल्ला कमांडर की जानकारी देने पर अमेरिका ने की एक करोड़ डॉलर के इनाम की घाेषणा

 

वॉशिंगटन, एएफपी।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने शुक्रवार को लेबनानी हिजबुल्ला कमांडर मुहम्मद कावथरानी की गतिविधियों, नेटवर्क और सहयोगियों के बारे में कोई भी जानकारी देने पर एक करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की है। कमांडर पर इराक में ईरान समर्थक समूहों को समन्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, कावथरानी इराक में लेबनान शिया आंदोलन का एक वरिष्ठ अधिकारी है, जिसने ईरान-गठबंधन अर्धसैनिक समूहों के कुछ राजनीतिक समन्वय को पूर्व में जोइन किया था, जिसे पहले कासिम सुलेमानी ने आयोजित किया था। बता दें कि तेहरान की वैचारिक सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक शक्तिशाली राहनुमा सुलेमानी को जनवरी की शुरुआत में बगदाद में निशाना बनाकर मार गिराया गया था।

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अमेरिका के अनुसार, 2 2013 से ही कावथरानी को आतंकवाद के लिए ब्लैक लिस्ट किया हुआ है। कावथरानी इराक सरकार के नियंत्रण के बाहर काम कर रहे समूहों के कामों में मदद पहुंचाता है, जिसने विरोध प्रदर्शनों को हिंसक ढंग से दबाया है और विदेशी राजनयिक मिशनों पर हमला किया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय हिजबुल्ला को आतंकवादी संगठन मानता है। स्टेट डिपार्टमेंट ने बताया कि अधिकारियों द्वारा शिया विद्रोही समूहों के ‘प्रशिक्षण, फंडिंग, राजनीतिक और लॉजिस्टिक्स समर्थन’ में भाग लेकर इराक में समूह के हितों को बढ़ावा दिया।

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इसी साल की शुरुआत में अमेरिका द्वारा बगदाद एयरपोर्ट पर एक एयर स्‍ट्राइक की गई थी। जिसमें ईरान के मेजर जनरल कासिम कमांडर सुलेमानी की हत्या हो गई थी। ईरान के प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद सभी अमेरिकी सुरक्षा बलों को आतंकी करार दिया गया था। ईरान की संसद में एक बिल पारित किया गया था।

पश्चिम एशिया में चलने वाली गतिविधियों के प्रमुख रणनीतिकार सुलेमानी थे। सुलेमानी पर इजरायल में भी रॉकेट हमलों को अंजाम देने का आरोप भी है। व्हाइट हाउस ने इस पर कहा था कि जनरल सुलेमानी सक्रिय रुप से इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले के लिए तैयारी कर रहा था। वहीं, ईरान और इराक में अमेरिका द्वारा की गई इस कार्रवाई का काफी विरोध हुआ था। लोग सड़कों पर उतर आए थे।

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