अब नेपाल–भारत सीमा में हमेशा के लिए काँटेदार जाली लगानी चाहिएः वैद्य
काठमांडू, १९ अप्रील । मोहन वैद्य नेतृत्व में रहे क्रान्तिकारी माओवादी ने कहा है कि नेपाल–भारत बीच रहे खुला सीमा कारोना वायरस रोकथाम के लिए बाधक बन रहा है । उन्होंने यह भी कहा है कि अब नेपाल–भारत सीमा में हमेशा के लिए काँटेदार जाली लगाना ही बेहत्तर है । इसके लिए उन्होंने सरकार को सुझाव भी दिया है । शनिबार एक प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशित करते हुए महासचिव वैद्य ने सरकार को इसतरहका सुझाव दिया ।
उन्होंने अपने अपने विज्ञप्ति में कहा है– ‘निश्चित नाका को खुला रखकर बांकी सीमा में हरदम के काँटेदार जाली लगाकर बंद कर देनी चाहिए, इसकी आवश्यकता और प्रक्रिया के संबंध में बहस के लिए यही उपर्युक्त परिस्थिति भी है ।’ महासचिव वैद्य ने यह भी कहा है कि खुला भारतीय सीमा और सरकार की पूर्व तैयार ना होने के कारण आज नेपाल भी कोरोना वायरस की महामारी में पड़ गया है । उन्होंने कहा कि आर्थिक समस्या के कारण विभिन्न शहर में मजदूरों की अवस्था दयनीय है, घरजाने के लिए निकले हुए सर्वसाधारण सड़क में ही रात काटने के लिए बाध्य हैं, भारतीय सीमा में असंख्य नेपाली फसे हुए हैं ।
इसतरह के कई समस्या के पीछे वर्तमान सरकार को ही मूख्य जिम्मेदार मानते हुए महासचिव वैद्य ने कहा है कि हर मजदूरों को अपने घर जाने की सहज व्यवस्था होनी चाहिए । इसीतरह विदेश में रहने नेपाली को स्वदेश वापसी, कोरोना रोकथाम और नियन्त्रण के लिए अग्रमोर्चा में रहे स्वास्थ्यकर्मी और सुरक्षाकर्मियों को पीपीई सहित सुरक्षा व्यवस्था आदि के लिए भी उन्होंने सरकार से आग्रह किया है ।

