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लॉक डाउन में बिंदास चल रहा है अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

 

परमशिला बनिया, मर्चवार, रूपंदेही, 5 नंबर प्रदेश | कोरोनावायरस की वैश्विक महामारी और महा शंकट से गुजरते हुए विश्व के अनेक देशों में लॉक डाउन किया गया है | इस लाक डाउन में सभी लोग अपने घर में रहकर दिन गुजार रहे हैं और उनकी दिनचर्या बहुत कठिन बन गई है सभी को यही कहा जा रहा है कि अपने घर को छोड़कर बाहर कहीं मत जाना चाहिए ऐसे में लोगों को समय काटना इतनी लंबी समय तक बहुत मुश्किल सा होने लगा है इसी के मद्देनजर करते हुए नेपाल के कुछ साहित्यकारों ने मिलकर एक कवि सम्मेलन का आयोजन करते आ रहे हैं अब आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि ऐसे लॉक डाउन और कोरोनावायरस की महामारी के समय पर कवि सम्मेलन कैसे संभव हो पा रहा है कवियों में कविता और मुशायरा करने की सनक कहां से आ गई जी हां मित्रों यह कोई अजूबा बात नहीं है आज अत्याधुनिक प्राविधिक युग में कवियों ने ऑनलाइन सम्मेलन कर रखा है ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंस के द्वारा कवि सम्मेलन किया जा रहा है
सभी लोग मिलकर अपनी कविता गजल गीत मुक्तक शायरी आदि का बौछार कर रहे हैं अपनी रचनाओं के माध्यम से दुनिया वालों को सचेत बना रहे हैं इस
कोरोना के महा संकट पर एक संदेश भी दे रहे हैं
यह मुशायरा बाहर जाकर नहीं किया जा रहा है बल्कि लगता उनका नियमों का पूर्ण रुप से पालन करते हुए अपने घर में बैठकर अपने रूम से किया जाता है यह सम्मेलन में ऑनलाइन के माध्यम से सभी सभी लोग इकट्ठे आ जाते हैं और अपनी अपनी रचनाओं को वाचन करते हैं किसी को घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ती है
यह कभी अपनी समय कुछ रचनात्मक तरीके से देश और समाज के हित में लगा रहे हैं अपने शब्दों से महा संकट में अपना योगदान दे रहे हैं


इस प्रकार की तरकीबें नेपाल के पांच नंबर प्रदेश के रूपंदेही जिला के मर्चवार के साहित्यकारों ने किया है दरअसल बात है की यह कवि सम्मेलन ना तो अंग्रेजी में होती है ना हिंदी और ना ही नेपाली में बल्कि लोगों ने गांव की और बुजुर्गों की भाषा भोजपुरी में यह सम्मेलन कर रहे हैं
हालांकि नेपाल सरकार की आंकड़ों में भोजपुरी को तृतीय राष्ट्रभाषा का दर्जा मिला है इस हालात में भोजपुरी नेपाल में रूपंदेही से लेकर रावताहट तक बोली जाती है और विश्व में 16 देशों में भोजपुरी की अत्याधिक जनसंख्या है पड़ोसी मित्र राष्ट्र भारत के बिहार उत्तर प्रदेश झारखंड मध्य प्रदेश के कई जिलों में भोजपुरी ही बोली जाती है
बताया जाता है कि भोजपुरी भाषियों की जनसंख्या पूरे विश्व में 25 करोड़ के लगभग में है इसलिए ही है भोजपुरी कवि सम्मेलन सफल हो पा रहा है इस कवि सम्मेलन के संचालक और संस्थापक समन्वयक तथा युवा कवि और साहित्यकार तथा लेखक शिवनंदन जयसवाल ने बताया कि यह एक अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन है जिसमें नेपाल भारत सहित कई देशों से वरिष्ठ भोजपुरी के साहित्यकारों ने जमकर हिस्सा ले रहा है अपनी रचनाओं से दुनिया वालों को सावधान शिक्षित बना रहा है
सम्मेलन के संचालक श्री जायसवाल का कहना है कि यह कवि सम्मेलन 11 अप्रैल को शुरू किया गया था इस सम्मेलन का नाम अंतरराष्ट्रीय वीडियो भोजपुरी दर्शन कवि सम्मेलन व मुशायरा रखा गया है सम्मेलन का आयोजन केवल एक ही बार नहीं मित्रों यह सप्ताह में तीन बार किया जा रहा है हर मंगलवार बृहस्पतिवार और शुक्रवार को शाम को 5:00 से 6:00 बजे तक इस सम्मेलन का आयोजन होते आ रहा है पांच नंबर प्रदेश की राजधानी बुटवल से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर मर्चवार रूपंदेही जिला से इस सम्मेलन का आयोजन हो रहा है इस सम्मेलन में अभी तक नेपाल के काठमांडू के भोजपुरी प्रज्ञा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष आनंद गुप्ता और सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार बरई बुटवल से साहित्यकार शिव प्यासी और बसंत राज कनाल मधेशी आयोग के अध्यक्ष डॉ विजय कुमार दत्त
दिल्ली में रह रहे भोजपुरी जन जागरण अभियान के सचिव संतोष पटेल नवल परासी पश्चिम के युवा साहित्यकार विश्वनाथ पालीवाल बारा जिला कलैया के साहित्यकार दो नंबर प्रदेश से राम प्रसाद साह भाग ले चुके हैं इसी तरह नेपाल के भोजपुरी के राष्ट्रीय स्तर के लोक गायक और भाषा के जानकार गोपाल ठाकुर और भारत के भोजपुरी जन जागरण अभियान के अभियंता और संयोजक राजेश भोजपुरिया जमशेदपुर झारखंड से और इसी प्रकार कपिलवस्तु से पांच नंबर प्रदेश से जीतेंद्र तोहार और नवल परासी पश्चिम राम ग्राम नगर पालिका से रंगकर्मी युवा साहित्यकार अनिल कुर्मी बढ़चढ़कर सम्मेलन में भाग लिया है
इतना ही नहीं भारत झारखंड के जमशेदपुर जिला से निकलने वाला एक महिला प्रधान भोजपुरी पत्रिका अंगना के प्रधान संपादक और प्रोफेसर डॉक्टर संध्या सिन्हा भी इस सम्मेलन में भाग लेते हुए उन्होंने इस सम्मेलन को महत्वपूर्ण बताया भोजपुरी के विकास के लिए यह सम्मेलन को उन्होंने निरंतरता देने की बात कही है इसी प्रकार भारत की राजधानी नई दिल्ली से इंदु मिश्रा किरण ने अपने भोजपुरी ग़ज़ल से इस सम्मेलन को सजाया था इसी प्रकार निर्भय नीर जो दिल्ली में रहते हैं और छपरा के निवासी हैं उन्होंने भोजपुरी में ही रचना पाठ किया है और भोजपुरी साहित्य में निर्धारित योगदान दे रहे हैं इस सम्मेलन में उन्होंने भाग लेते हुए सम्मेलन की सफलता की कामना किया
इसी प्रकार इसी भोजपुरी सम्मेलन
खबर पाकर उत्साहित होकर प्रदेश नंबर 2 बारा जिला के कलैया से 76 वर्ष के बुजुर्ग साहित्यकार जंग बहादुर यादव ने आकर अपनी कविता से लोगों को मोहित कर दिया इसी प्रकार भारत बिहार छपरा ऐनुल बरौली जो भोजपुरी उर्दू और हिंदी के एक बड़े शायर और ग़ज़ल कार हैं उन्होंने इस सम्मेलन में भाग लेते हुए अपने गजलों से भोजपुरी साहित्य का रसपान कराया इसी प्रकार भोजपुरी के युवा साहित्यकार और गायक बीरगंज प्रसाद जिला से श्याम सराफ ने भी अपना हिस्सा जताया भोजपुरी दर्शन कवि सम्मेलन व मुशायरा में नई दिल्ली भारत से सर्व भाषा ट्रस्ट के समन्वयक केशव मोहन पांडे ने भी भाग लिया और उन्हें बेहद खुशी हुई इसी प्रकार भारत बिहार की राजधानी पटना से सन्मार्ग दैनिक पत्रिका के संपादक डॉक्टर विभु रंजन जायसवाल जी इस सम्मेलन में भाग लेते हुए बताया कि यह भोजपुरी भाषा साहित्य कला संस्कृति के विकास के लिए ऐसे समय पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन होना अपने आप में महत्वपूर्ण और सौभाग्य की बात है इस सम्मेलन में भाग लेते हुए भारत बिहार के बेतिया जिला से युवा कवि और लेखक दीपू कुमार मोहित भी बेहद खुशी प्रकट किए
सामाजिक संजाल फेसबुक पर इसकी खबर को देखते हुए भारत लखनऊ से हिंदी सिनेमा जगत के निर्देशक विजय प्रकाश मौर्या अपने आप ही सम्मेलन से जुड़ गए उन्होंने बताया कि उनकी मातृभाषा भी भोजपुरी होने की वजह से भोजपुरी का विकास होना बहुत जरूरी है और ऐसी परिस्थिति में अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन होना मेरे लिए सुख की बात है
सम्मेलन में भाग लेते हुए अपने मुक्तक को से दर्शकों के मंत्रमुग्ध करते हुए भोजपुरी प्रज्ञा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष आनंद गुप्ता अस्तित्व ने बताया कि नेपाल की तीसरी भाषा भोजपुरी है जो कि नेपाल के दो नंबर प्रदेश और पांच नंबर प्रदेश में अत्याधिक संख्या में बोली जाती है इसके अलावा यह भाषा नेपाल की 4 प्रदेशों में बोली जाती है उन्होंने खेद व्यक्त किया कि इस भाषा में सरकारी कामकाज या पढ़ाई की प्रक्रिया गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है साथ ही उन्होंने भोजपुरी जनता को सचेत करवाया कि आने वाले जनगणना में अपनी मातृभाषा भोजपुरी ही लिखवाए
उसी सम्मेलन में उत्तर अमेरिका से यूएसए से सुभाष सौरभ ने भाग लिया नेपाल के दो नंबर प्रदेश बारा जिला के निवासी सौरभ फिलहाल अमेरिका में रहते हैं अमेरिका में रहते हुए भी भोजपुरी भाषा संस्कृति की स्वीकृति के लिए निरंतर सोचते रहते हैं भोजपुरी दर्शन कवि सम्मेलन व मुशायरा में भाग लेते हुए उन्होंने बेहद खुशी व्यक्त किया सौरभ ने कहा कि नेपाल की समृद्ध भाषाओं में से ही नहीं अपितु विश्व की समृद्ध भाषाओं में से भोजपुरी एक है और इसका निरंतर विकास होना चाहिए ऐसी विषम परिस्थिति में जो 5 नंबर प्रदेश के भारत के सटे सीमावर्ती जिला रूपंदेही के मार्च वार से जो अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है वह अपने आप में कौरवों के मार्च वार से जो अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है वह अपने आप में गौरव की गौरव की विषय है उन्होंने सम्मेलन का संचालक शिवनंदन जयसवाल को बधाइयां दी
इस सम्मेलन में भोजपुरी की विधा से अनेक लोकगीतों का स्वरचित रचनाओं का वाचन किया जा रहा जा रहा है गजल मुक्तक शायरी से लोग मालामाल हो जा रहे हैं
इसी दौरान भारत झारखंड राज्य जमशेदपुर से भोजपुरी जन जागरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राजेश भोजपुरिया ने बताया कि भोजपुरी साहित्य और भाषा की समृद्धि के लिए इस साहित्य पर ज्यादा से ज्यादा लिखना होगा उन्होंने यह भी कहा कि भोजपुरी 16 देशों में बोली जाती है नेपाल भारत के अलावा मारीशस सूरीनाम त्रिनिदाद टोबैगो सिंगापुर उत्तर अमेरिका आदि देशों में भोजपुरी बोलने वालों की संख्या काफी है भोजपुरिया ने सम्मेलन में यह भी कहा कि भोजपुरी भाषा में अभी तक ऐसा कोई विधा नहीं है जिसमें रचना प्रकाशित ना हुआ हो भोजपुरी में हजारों किताब प्रकाशित है
सम्मेलन में जमशेदपुर की कवि और साहित्यकार माधवी उपाध्याय ने भाग लिया और अपने गीतों से भोजपुरी भाषियों को आनंद दिलाया सम्मेलन में भाग लेते हुए उनको बहुत खुशी महसूस हुई ऐसा उन्होंने अपने विचार जाहिर की
यह अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन वीडियो भोजपुरी दर्शन कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन नेपाल के उस ग्रामीणों और पिछड़े इलाकों से प्रारंभ हुई है इस खबर को लेकर खुशी जताते हुए रूपंदेही की एक क्रियाशील सामाजिक संस्था भिनसहरा सामाजिक संस्था की अध्यक्ष श्रीमती परमशीला बनिया ने बताया कि इस सम्मेलन से नेपाल की भाषिक अवस्था को सुधारा जा सकता है सम्मेलन में अपनी कविताओं को पाठ करते हुए उन्होंने पूर्ण सफलता की कामना भी किया है

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