चमगादड़ की औलाद ये *कोरोना* : लक्ष्मण नेवटिया
*चमगादड़ की औलाद ये कोरोना* लक्ष्मण नेवटिया
फ़ख़त फौलाद सी
हमें विरासत में मिली हिम्मत
अब काम आयेगी।
हम वो सख्स हैं
जो डराते हैं डर को
ये कोरोनिया मुश्किलें
हमें क्या डरायेगी।
क्योंकि हमने पूर्वजों से सीखा है
बालू से कैसे
निकाला जा सकता है तेल
जो औरों के लिए होती हैं अड़चनें
हमारे लिए चुटकी का खेल।
साथ ही सीखा है अपने बुजुर्गों से,
व्यवधानों की चट्टानें काट
अपना रास्ता स्वयं बनाना।
हर परिस्थितिका करना सामना-
किंचित ना घबराना।
स्वयं का कमाया ही तो
पड़ सकता है खोना
फिर किस के लिए रोना।
जब हम अपने हौसलों को
कर बुलन्द यूँ ही रखेंगे ज़िंदा
दुम दबाकर भागेगा – खुद हो शर्मिन्दा
आज नहीं तो कल
चमगादड़ की औलाद ये *कोरोना*।

विराटनगर -९


