Mon. Jun 29th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

भारत में चीनी रैपिड टेस्टिंग किट से नहीं होगी जाँच वापस की जाएँगी सभी किट

 

चीनी रैपिड टेस्टिंग किट में खामी पाए जाने के बाद आइसीएमआर ने इससे कोरोना संक्रमितों की जांच पर रोक लगा दी है। राज्यों से ये किट लौटाने को कहा गया है ताकि इन्हें चीन की फर्मो को वापस कर दिया जाए। राहत की बात यह है किट आपूर्ति करने वाले को अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। इसके साथ ही आइसीएमआर ने इस आरोप को नकार दिया है कि चीनी कंपनी से 600 रुपये प्रति किट खरीदने का फैसला गलत था। किट ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दल की ओर से इसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। जबकि सरकार की ओर से पूरी विवरण देते हुए जहां आरोप नकारा गया है वहीं किट को वापस करने का भी फैसला लिया गया है।

वोंडफो से किट खरीदने पर सफाई

चीनी कंपनी वोंडफो बायोटेक से रैपिड टेस्टिंग खरीदे जाने की प्रक्रिया का खुलासा करते हुए आइसीएमआर ने कहा कि इसे कोरोना के संकट के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जब सभी देश टेस्टिंग खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। उसके अनुसार रैपिड टेस्टिंग खरीदने के पहले प्रयास में किसी सप्लायर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। दूसरी बार टेंडर जारी करने के बाद वोंडफो और बायोमेडिक्स नाम की दो कंपनियों की ओर से इसकी आपूर्ति का दावा किया गया। यही नहीं, इन कंपनियों ने रैपिड टेस्टिंग किट के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की ओर से जारी जरूरी सर्टिफिकेट भी दिखाये। इसके बाद इन टेस्टिंग किट को खरीदने का फैसला किया।

यह भी पढें   धर्मशाला के नये कार्यालय का शुभारंभ

सबसे कम कीमत प्रस्तावित करने वाले सप्लायर को जारी किया आर्डर

वोंडफो का टेस्टिंग किट सप्लाई करने के लिए चार कंपनियों ने टेंडर भरा। इनमें प्रति किट 1204 रुपये, 1200 रुपये, 844 रुपये और 600 रुपये का प्रस्ताव था। जाहिर है कि सबसे कम कीमत प्रस्तावित करने वाले सप्लायर को यह आर्डर जारी कर दिया गया।

कंपनी की कड़ी शर्तों के कारण संभव नही हो सकी खरीद

आइसीएमआर के अनुसार सप्लायर और कंपनी की कीमत में भारी अंतर को देखते हुए सीधे कंपनी से संपर्क कर किट खरीदने की कोशिश की गई। लेकिन कंपनी की कड़ी शर्तों के कारण यह संभव नहीं हो सका। कंपनी की चार शर्ते थी। एक तो वह अपने फैक्ट्री के पास ही किट सप्लाई करेगा और उसे भारत पहुंचाने की उसकी जिम्मेदारी नहीं होगी। दूसरी, किट की पूरी कीमत वह एडवांस में लेगा और किट से सही या खराब होने की वह कोई गारंटी नहीं लेगा। तीसरी, वह किट सप्लाई करने किसी टाइम लाइन से बंधा नहीं होगा और चौथी, वह पूरी रकम डॉलर में लेगा, जो करेंसी के बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से मुक्त होगा।

यह भी पढें   बाढ़ और भूस्खलन से देश के विभिन्न हिस्सों के प्रमुख राजमार्ग प्रभावित

एक मात्र वितरक ने भारत से किया संपर्क

आइसीएमआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी की इन शर्तों के साथ किट को खरीदना संभव नहीं था। खासकर रैपिड टेस्ट किट के फिल्ड रिजल्ट का कोई डाटा उपलब्ध नहीं था। इसीलिए भारत में वोंडफो के एकमात्र वितरक से संपर्क किया गया। इस वितरक ने किट को भारत में सप्लाई करने से लेकर किसी एडवांस की मांग नहीं की।

आइसीएमआर ने कहा कि इस तरह के किट को खरीदने का यह पहला प्रयास था और सबसे कम रेट बताने वाले सप्लायर से ही इसे खरीदा गया। सबसे बड़ी बात यह है कि किट में खराबी निकलने के बाद सरकार को कोई नुकसान नहीं हुआ। यदि वोंडफो कंपनी को पूरा एडवांस पेमेंट कर खरीदने का फैसला किया जाता, तो आज पूरी रकम डूब जाती।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *