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भारत व्दरा नेपाल मे अध्ययनरत कोसी उच्चबाँध मे मोर्चा व्दारा अवरोध ।

 

इटहरी, माघ १९- सप्तकोसी उच्चबाँध बहुउद्देश्यीय आयोजना तथा सुनकोसी स्टोरेज, डाइभर्सन आयोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डिपिआर) तैयार करने के लिये दो वर्ष की अवधी फिर से दिये जाने का विरोध करते हुये नेकपा-माओवादी से सम्बद्धित किराँत राष्ट्रिय मुक्ति मोर्चा ने इसके विरुद्ध मे कडा आन्दोलन की चेतावनी दिया है।
भारत नेपाल उच्चस्तरीय जलस्रोत बैठक से सुनसरी के बराहक्षेत्र मे स्थित उच्चबाँध आयोजना का डिपिआर तयार करने के लिये २ वर्ष और अवधी बढाने के निर्णय के प्रति मोर्चा ने अपनी आपत्ति जनायी है।
मोर्चा ने सुनसरी के इटहरी मे पत्रकार सम्मेलन करके सप्तकोसी उच्चबाँध से सम्बन्धित बाँकी काम किसी भी हालत मे सम्पन्न नही करने देने का अडान सार्वजनिक किया है।
भारत सरकार ने उच्च महत्व देती आ रही उक्त परियोजना अभी तक नेपाल की ओर से रु ९४ लाख और भारत के तरफ से रु ६६ करोड खर्च हओ चुका है। अनेक समय मे हुये अवरोध के कारण अध्ययन एवम् अनुसन्धान का काम अभी बाँकी है।
हाल नेपाल सरकार की ओर से रु दुई करोड ४९ लाख तथा भारत सरकार की ओर से रु एक अर्ब ४० करोड लगानी करके परियोजना का विस्तृत अध्ययन प्रतिवेदन दो वर्ष के भीतर तैयारी करने का लक्ष्य राखा गया है। लेकिन मोर्चा ने अपनी सभी शक्ति प्रयोग करके परियोजना का काम नही होने देने का चेतावनी दिया है।

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मोर्चा के केन्द्रीय उपाध्यक्ष राजेन्द्र किराँती नेकहा है कि भारत द्वारा नेपाल मे सञ्चालित सभी योजना तथा परियोजना को राष्ट्रिय स्वाधीनता के मुद्दा से जोडकर देखने का दृष्टिकोण मोर्चा ने बनाया है । उन्होने कहा कि भारत सरकार व्दारा नेपाल मे सञ्चालित कइ परियोजनाओं मे नेपाल को  ठगने का काम किया गया है । इसलिये नेपाली के हित मे नही होने के कारण सप्तकोसी परियोजना का काम किसी भी हालात मे नही होने दिया जायेगा ।
नेपाल और भारत के उच्चस्तरीय प्राविधिक टोली व्दार सुनसरी के बराहक्षेत्र, धनुकटा के आहाले और उदयपुर के मैनामैनी क्षेत्र के भूगोल सम्बन्धित विषय पर अध्ययन कर रही है ।

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