सार्वजनिक पद पर रहे प्रमुख राजनीतिक पदाधिकारियों और उच्च पदस्थ कर्मचारियों की संपत्ति विवरण जांच के लिए आयोग गठन
काठमांडू, 15 अप्रैल। सरकार ने 2062/63 से 2082/83 तक सार्वजनिक पद पर रहे प्रमुख राजनीतिक पदाधिकारियों और उच्च पदस्थ कर्मचारियों की संपत्ति विवरण के संकलन और जांच के लिए आयोग का गठन किया है ।
प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के कार्यालय में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश राजेंद्र कुमार भंडारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय आयोग का गठन किया है।
आयोग के सदस्यों में पूर्व न्यायाधीश चण्डीराज ढकाल, पुरुषोत्तम पराजुली, पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक गणेश केसी और चार्टर्ड एकाउंटेंट प्रकाश लम्साल शामिल हैं।
प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह के नेतृत्व में सरकार गठन के बाद सरकार ने 26 मार्च को 15 दिनों के भीतर समिति गठन करने का निर्णय लिया था। सरकार द्वारा सार्वजनिक शासकीय सुधार से संबंधित 100 कार्यसूची के 43वें बिंदु में इस बारे में उल्लेख किया गया है।
उस बिंदु में देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, संपत्ति छुपाने तथा दंडहीनता को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के कार्यालय के अधीन रहने वाली अधिकार संपन्न संपत्ति जांच समिति के 15 दिनों के भीतर गठन करने का उल्लेख है।
जांच प्रक्रिया को कानूनी मापदंड, साक्ष्य पर आधारित तथा निष्पक्ष रूप से संचालित करने तथा आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और सिफारिशों को संबंधित निकाय के माध्यम से कार्यान्वित करने की व्यवस्था करने का उल्लेख किया गया है।


