Mon. Jun 22nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

हर साया मौत का डराता है, हर सपना जीने को उकसाता है : बसन्त चौधरी

 

आखिरी साँस तक

बसंत चौधरी

हम भागते हैं
जिन्दगी के पीछे–पीछे
और मौत चलती है दबे पाँव
हमारे पीछे–पीछे
आखिरी साँस तक
एक–एक साँस की बोली लगती है
कभी बेचते
कभी खरीदते हैं
हर साया मौत का डराता है
हर सपना जीने को उकसाता है
उफ !
ये मुँहजोर ख्वाहिशें जीने की
उफ ! यह मजबूरी आँसू पीने की
फिर भी
जिन्दगी के दीए हम
एक उम्मीद पर जलाते हैं
मौत से आँखमिचौली खेलते हैं
आखिरी साँस तक ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *